
नर्मदापुरम 18 जनवरी 2026 (हिन्द सन्तरी ) नर्मदापुरम जिले की माटी में पैदा हुई प्रतिभायों ने विश्वमंच पर अपनी पहचान बनाने में सफलता प्राप्त की है ,इसी श्रृंखला में जिले के छोटे से गाँव बरबटपुरका एक युवा आशीष पटेल ने ग्रामीण परिवेश की धुल धूसर भूमि से अपनी प्रतिभा को आयाम दिया और आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस ग्राम बरबटपुर निवासी नलबाले पटेल परिवार के राजा भैया पटेल के सुपुत्र आशीष पटेल का कनाडा में ट्रांसफर हुआ है, जहाँ उन्हें लगभग 1.5 करोड़ रुपये का वार्षिक पैकेज प्राप्त हुआ है। इससे पहले आशीष पटेल देश की प्रतिष्ठित आईटी कंपनी इन्फोसिस, बेंगलुरु में डेवलपर के पद पर कार्यरत थे।
आशीष पटेल की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि यह पूरे गाँव, क्षेत्र और समाज के लिए गर्व का विषय बन गई है। सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण परिवेश में रहकर बड़े सपने देखना और उन्हें साकार करना आसान नहीं होता, लेकिन आशीष ने अपनी मेहनत, अनुशासन, लगन और पारिवारिक संस्कारों के बल पर यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी शहर या सुविधा की मोहताज नहीं होती। उनकी इस सफलता से नलबाले पटेल परिवार का नाम आज सिर्फ गाँव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोशन हुआ है। यह परिवार शिक्षा, संस्कार और सेवा को हमेशा प्राथमिकता देता आया है। गौरतलब है कि इसी परिवार के छोटे सुपुत्र पहले से ही पुरातत्व विभाग में सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि यह परिवार शिक्षा और राष्ट्रसेवा को अपना कर्तव्य मानता है।
आशीष पटेल की इस उपलब्धि से गुर्जर समाज में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। समाज के युवाओं के लिए वे एक मजबूत प्रेरणा बनकर उभरे हैं, जो यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो गाँव का युवा भी वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना सकता है। बरबटपुर जैसे छोटे गाँव से निकलकर कनाडा तक का यह सफर न केवल असाधारण है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए उम्मीद, आत्मविश्वास और प्रेरणा का प्रतीक भी है। आशीष पटेल की यह सफलता यह साबित करती है कि संस्कार, शिक्षा और सतत प्रयास के बल पर कोई भी युवा ऊँचाइयों को छू सकता है।
