
नर्मदापुरम 30,दिसम्बर,2025 (हिन्द संतरी ) नर्मदापुरम जिले की सौन्दर्यनगरी पचमढ़ी में लगने वाले मेलों को लेकर पूरा प्रशासन अपनी ताकत झोक देता है लेकिन दीया टेल अँधेरा की कहावत यहाँ नर्मदापुरम के नागरिक भुगतते है | हाल ही में पचमढ़ी महोत्सव से निपटे प्रशासन ने महादेव की पवित्र नगरी पचमढ़ी में शिवरात्रि मेला 15 फरवरी से आयोजित होने की अभी से तयारी शुरू कर दी है किन्तु नर्मदापुरम में इससे बिगड़ने वाले हालातों और नर्मदातटवासियों की चिंता नहीं की है जो महादेव मेला शुरू होने के 10 दिन पूर्व से ही अपने वाहनों का काफिला लेकर वार्ड एक तथा दो के सभी घांटों, गलियों, सड़कों पर सेकड़ों की संख्या में खड़ा कर यहाँ के निवासियों का जीना दूभर कर देते है| इनके वाहनों के आसपास सारी सड़के और गलियों की नालियों पर ये शौच कर गन्दा कर पुरे क्षेत्र के लोगों का जीना हराम कर देते है |
यह मेला भले पचमढ़ी में आयोजित होता है किन्तु मेले में आने वाले महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों से लाखों श्रद्धालु चौरागढ़ महादेव एवं जटाशंकर के दर्शन हेतु पहुंचने से पूर्व नर्मदा दर्शन, स्नान के बाद मेला पहुचते है तथा जो लोग पहले नहीं आते वे मेला भ्रमण कर लौटते है | पूर्व में प्रशासन ने इनके वाहनों को एसएनजी ग्राउंड में रोकने की बात की किन्तु वाही ढ़ाक के तीन पात पुलिस रोकने में सफल नही हुई और लोग परेशान होते रहे, जिसे लेकर आज भी यहाँ के निवासियों के मन में भय बना है|
कलेक्टर ने महादेव मेले के लिए अभी से तैयारी शुरू कर दी है । मेले की तैयारियों एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु जैन, अनुविभागीय अधिकारी आकिप खान एवं अन्य मेले संबंधित अधिकारियों ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। जिला सीईओ द्वारा श्रद्धालुओं के आवगमन को सुचारू बनाए रखने के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मेला क्षेत्र में पानी की सप्लाई, सफाई और ब्लीचिंग के छिड़काव के लिए संबंधित अधिकारियों को सीईओ हिमांशु जैन द्वारा निर्देशित किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि मेले में दुकानदारों को ईको फ्रेंडली बांस के डस्टबिन का इस्तेमाल करने हेतु प्रेरित किया जाए, ताकि पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
