
नर्मदापुरम 13,फरवरी,2026 (हिन्द संतरी) कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के मार्गदर्शन में मिशन वात्सल्य अंतर्गत बाल दुर्व्यापार (चाइल्ड ट्रैफिकिंग) विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सभा कक्ष में किया गया। कार्यक्रम में माननीय सचिव एवं न्यायाधीश जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, तृप्ति त्रिपाठी, अभय सिंह, ललित कुमार डेहरिया, शैलेन्द्र कौरव सहित बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड, विशेष किशोर पुलिस इकाई, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, महिला सेल, महिला थाना, सीआरपीएफ, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, बाल देखरेख संस्थाओं एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के पदाधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में जिला कार्यक्रम अधिकारी ललित कुमार डेहरिया ने जानकारी दी। माननीय सचिव द्वारा बालकों के संरक्षण हेतु बनाए गए कानूनों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं पर प्रतिभागियों को विस्तार से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर प्रशांत दुबे, निदेशक आवाज संस्था द्वारा बाल अधिकार, बाल दुर्व्यापार और बच्चों के संरक्षण से संबंधित प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता में बच्चों के हितार्थ किए गए प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया।
विशेषज्ञ ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 143 एवं 144 के तहत मानव तस्करी के विरुद्ध कड़े प्रावधानों की जानकारी देते हुए पास्को एक्ट के माध्यम से बच्चों को प्राप्त कानूनी सुरक्षा पर भी प्रकाश डाला। तस्करी की रोकथाम में सामुदायिक जागरूकता, अभिभावकों की शिक्षा तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी को महत्वपूर्ण बताया गया। प्रशिक्षण में सोशल मीडिया एवं डिजिटल माध्यमों से होने वाली ऑनलाइन ग्रूमिंग के खतरों और उनसे बच्चों की सुरक्षा के उपायों पर चर्चा की गई। साथ ही पीड़ितों की पहचान कर उनके साथ संवेदनशीलता से पूछताछ करने की तकनीकों पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया गया।
