महापौर पुष्यमित्र भार्गव और स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल भी वॉकथॉन में मौजूद रहे। महापौर ने कहा कि देश को सशक्त और इंदौर को स्वच्छता में नंबर वन बनाने में महिलाओं की भूमिका सबसे अहम रही है। उन्होंने महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि साड़ी वॉकथॉन ने दिखा दिया कि महिला शक्ति जागरूक होकर शहर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आ सकती है।
प्रतिभागी प्राची अग्रवाल ने कहा कि साड़ी में हमारी सभ्यता और संस्कार झलकते हैं और यह सभी संस्कृतियों को साथ लेकर आगे बढ़ने का संदेश देती है। महिलाओं ने इस अवसर पर सिंगल यूज प्लास्टिक छोड़कर कपड़े के थैले और पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने का संदेश दिया।
महापौर ने नागरिकों से अपील की कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करें और शहर की स्वच्छता की पहचान को बनाए रखने में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने कहा कि इंदौर ने स्वच्छता के क्षेत्र में जो कीर्तिमान स्थापित किए हैं, उन्हें कायम रखने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने ट्रिपल आरReduce, Reuse, Recycle सेंटर पर अनुपयोगी सामान जमा करने और वेस्ट टू बेस्ट अभियान से जुड़ने की भी अपील की।
साड़ी वॉकथॉन ने दिखा दिया कि महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण एक साथ चल सकते हैं। महिलाओं की भागीदारी ने इस कार्यक्रम को सफल और प्रेरणादायक बनाया। इंदौर की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में महिलाओं का योगदान लगातार न सिर्फ शहर बल्कि पूरे देश के लिए उदाहरण बना हुआ है। नगर निगम का मानना है कि जन-सहभागिता और जागरूकता के माध्यम से ही इंदौर अपनी अग्रणी पहचान को और मजबूत कर सकता है।
