अब तक गणतंत्र दिवस परेड में दर्शक दीर्घाओं की पहचान ए बी सी या अंकों के आधार पर होती थी जिससे वीआईपी संस्कृति की झलक दिखाई देती थी। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह व्यवस्था बदलने का उद्देश्य हर नागरिक को समान सम्मान का अनुभव कराना है। नदियों के नाम भारतीय संस्कृति सभ्यता और एकता के प्रतीक हैं और इनके जरिए राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत किया जाएगा।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की समग्र थीम वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर केंद्रित रखी गई है। इसी भावना को परेड झांकियों आमंत्रण पत्रों टिकटों और कर्तव्य पथ की सजावट में प्रमुखता से दिखाया जाएगा। रक्षा सचिव ने बताया कि परेड में सेना की तैयारियों को बैटल ऐरे के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा ताकि सशस्त्र बलों की ऑपरेशनल क्षमता और युद्ध तत्परता को प्रभावी तरीके से देश और दुनिया के सामने रखा जा सके।
गणतंत्र दिवस परेड देखने के लिए इस बार कुल 77 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इनमें 10 हजार विशेष आमंत्रित अतिथि होंगे जिन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और जनसेवा में योगदान के लिए बुलाया गया है। आम जनता के लिए 32 हजार टिकट बिक्री पर रखे गए हैं। टिकट ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन भी उपलब्ध हैं जिन्हें राजीव चौक सहित कुछ चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों से खरीदा जा सकता है।
दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 26 जनवरी को मेट्रो यात्रा पूरी तरह निःशुल्क रहेगी। दिल्ली मेट्रो की सेवाएं सुबह 3 बजे से शुरू होंगी ताकि लोग समय पर कर्तव्य पथ पहुंच सकें। यह कदम खासतौर पर आम नागरिकों को परेड से जोड़ने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बार गणतंत्र दिवस समारोह में अंतरराष्ट्रीय रंग भी देखने को मिलेगा। यूरोपीय संघ EU परिषद और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष मुख्य अतिथि होंगी। साथ ही यूरोपीय संघ की नौसेना का एक मार्चिंग दस्ता भी परेड में हिस्सा लेगा जो भारत और यूरोप के मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का प्रतीक होगा।
परेड में कुल 30 झांकियां शामिल की जाएंगी। इनमें 17 झांकियां विभिन्न राज्यों की और 13 झांकियां केंद्रीय मंत्रालयों व विभागों की होंगी। सभी झांकियों की थीम स्वतंत्रता का मंत्र वंदे मातरम रखी गई है जो देश की सांस्कृतिक विरासत विविधता और राष्ट्रभक्ति को दर्शाएगी। सेना के मार्च पास्ट में नवगठित भैरव बटालियन और लद्दाख स्काउट्स विशेष आकर्षण होंगी वहीं पशु दस्ता भी परंपरागत रंग जोड़ेगा। गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल को लेकर 19 20 और 21 जनवरी को सुबह 10:15 से दोपहर 12:30 बजे तक कर्तव्य पथ और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।
