बरदहा घाटी से गुजरने वाला यह मार्ग रीवा की सबसे दुर्गम सड़कों में गिना जाता है। वर्तमान में संकरी और अत्यधिक घुमावदार सड़क के कारण यहां से गुजरना जोखिम भरा माना जाता है। आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और भारी वाहनों के लिए तो यह मार्ग और भी चुनौतीपूर्ण साबित होता है। सड़क सुधार की मांग लंबे समय से स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही थी जो अब पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है।
हाल ही में कलेक्टर कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सांसद विधायक प्रशासनिक अधिकारी और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में परियोजना की रूपरेखा और प्रभावित क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि डभौरा सिरमौर मार्ग के अंतर्गत आने वाली इस सड़क परियोजना से 27 गांव प्रभावित होंगे जिनमें से 24 गांवों में भू अर्जन की आवश्यकता पड़ेगी जबकि तीन गांव ऐसे हैं जहां भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी। शासकीय भूमि का अधिकतम उपयोग किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर निजी भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
सड़क के दोनों ओर मजबूत और चौड़ी नालियों का निर्माण भी किया जाएगा ताकि वर्षा के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनी रहे। सांसद ने विशेष रूप से अतरैला और पटेहरा क्षेत्र में पर्याप्त चौड़ी नालियां बनाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी हिस्सों में सड़क की चौड़ाई 18 मीटर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।एसडीओ विजय गुप्ता ने बताया कि पटेहरा अतरैला लटियार और पनवार जैसे क्षेत्रों में सड़क किनारे बड़ी संख्या में घर और दुकानें स्थित हैं इसलिए निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय निवासियों के हितों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। तकनीकी मापदंडों के साथ व्यावहारिक पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए निर्माण शीघ्र पूरा करने की योजना है।
बरदहा घाटी में मौजूदा समय में 10 से अधिक खतरनाक मोड़ हैं जिन्हें प्रस्तावित योजना के तहत सीधा किया जाएगा। नई सड़क की चौड़ाई 18 से 36 मीटर तक रखी जाएगी जिससे भारी वाहनों की आवाजाही भी सुगम होगी और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। वन विभाग से स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।यह परियोजना न केवल यात्रा समय कम करेगी बल्कि रीवा जिले के विकास को भी नई गति देगी। सुरक्षित और चौड़ी सड़क से क्षेत्रीय व्यापार पर्यटन और ग्रामीण कनेक्टिविटी को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
