आधी रात को ‘मौत’ का साया घटना की शुरुआत तब हुई जब किसान ओमप्रकाश केवट अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। तभी अचानक बंदूक और धारदार चाकू से लैस पांच से अधिक नकाबपोश बदमाश दीवार फांदकर घर के भीतर दाखिल हुए। आहट पाकर जब तक ओमप्रकाश कुछ समझ पाते, बदमाशों ने उन्हें और उनकी पत्नी को हथियारों की नोक पर बंधक बना लिया। बदमाशों ने पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दिया; उन्होंने सबसे पहले पति-पत्नी के हाथ-पैर रस्सी से बांधे और शोर मचाने से रोकने के लिए उनके मुंह पर टेप चिपका दिया।
आधे घंटे तक मची रही लूटपाट बंधक बने किसान दंपति के सामने बदमाश करीब आधे घंटे तक घर के भीतर मौत का तांडव मचाते रहे। अलमारियों के ताले तोड़कर और संदूकों को खंगालते हुए बदमाशों ने लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और घर में रखी नकदी समेट ली। डकैती को अंजाम देने के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर बेखौफ होकर मौके से फरार हो गए। बदमाशों के जाने के बाद पीड़ित दंपति ने जैसे-तैसे खुद को बंधनों से मुक्त किया और शोर मचाकर आसपास के लोगों व पुलिस को सूचित किया।
सवालों के घेरे में कानून-व्यवस्था सूचना मिलते ही बुढार थाना पुलिस मौके पर पहुँची और जांच शुरू की। हालांकि, अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। शहडोल जिले में बीते कुछ समय से पुलिसकर्मियों पर हमले और अब बंधक बनाकर डकैती जैसी घटनाओं ने जनता के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गश्त न के बराबर है, जिसके कारण अपराधी बेखौफ होकर ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और पुराने अपराधियों की कुंडली खंगाल कर सुराग जुटाने का प्रयास कर रही है।
