डॉ. हेमलता की सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने पुलिस को पत्र लिखकर इस मामले में गहरी साजिश और अपहरण की आशंका जताई है। घटना के दौरान जब पड़ोसी डॉ. मुखर्जी ने हस्तक्षेप कर पूछताछ करने की कोशिश की, तो इन अज्ञात लोगों ने उनके साथ भी बदतमीजी की और खुद को किसी बड़े प्रसिद्ध मंदिर के ट्रस्ट से जुड़ा हुआ बताया। हालांकि, स्थानीय लोगों और चिकित्सा जगत के जानकारों का मानना है कि यह कोई धार्मिक सेवा नहीं, बल्कि महिला की करोड़ों की बेशकीमती संपत्ति को हड़पने के लिए रची गई एक सोची-समझी साजिश है।
पीड़ित डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की स्थिति इस समय बेहद नाजुक है। हाल ही में एक महीने पहले उनके पति का निधन हुआ है और कुछ साल पहले वे अपने इकलौते डॉक्टर बेटे को भी खो चुकी हैं। घर में अकेली रहने वाली डॉक्टर फिलहाल मानसिक और शारीरिक रूप से अस्वस्थ हैं, जिसका फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है। राइट टाउन जैसे महंगे इलाके में उनके बंगले और जमीन की कीमत करोड़ों में है, जिसे कब्जाने के लिए भू-माफिया और आपराधिक तत्व सक्रिय हो गए हैं।
IMA के हस्तक्षेप के बाद जबलपुर का मदन महल थाना पुलिस हरकत में आया है। पुलिस ने फिलहाल शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और वायरल वीडियो के जरिए आरोपियों की पहचान करने में जुट गई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वास्तव में वे लोग किसी मंदिर से जुड़े हैं या केवल जायदाद के दस्तावेजों पर अंगूठे लगवाने के लिए यह नाटक रचा गया है। आने वाले घंटों में पुलिस की जांच यह साफ करेगी कि डॉ. हेमलता सुरक्षित हैं या वे किसी बड़े भू-माफिया सिंडिकेट के चंगुल में फंस चुकी हैं।
