इस पूरी साजिश की पटकथा शिवपुरी लिंक रोड निवासी महेंद्र पाराशर के घर से शुरू हुई। महेंद्र अपने मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटे की शादी को लेकर चिंतित थे। इसी मजबूरी का फायदा उठाते हुए मुरैना निवासी राकेश शर्मा ने उन्हें झांसे में लिया। राकेश ने एक लड़की से शादी कराने का सौदा 2 लाख रुपये में तय किया। इसके बाद बंटी धाकड़ और हीरा ठाकुर नामक बिचौलियों ने महेंद्र को पूनम गौर उर्फ डॉली नाम की युवती से मिलवाया और उसे बंटी की साली बताया। महेंद्र ने बेटे के भविष्य की खातिर अपनी जमा-पूंजी से 2 लाख रुपये आरोपियों को सौंप दिए।
शादी की औपचारिकताएं पूरी करने और नोटरी कराने के बाद जब महेंद्र अपने बेटे और नई नवेली बहू डॉली को कार से लेकर घर लौट रहे थे, तभी कोतवाली थाना क्षेत्र के दाल बाजार में साजिश का अगला हिस्सा शुरू हुआ। अचानक एक एक्टिवा और बाइक पर सवार चार नकाबपोश युवकों ने कार को ओवरटेक कर रोका। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने कार का कांच फोड़ा और दुल्हन को जबरन अपने साथ खींचकर ले गए। दिनदहाड़े हुई इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे देख हर कोई सहम गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी की और सीसीटीवी खंगाले। जांच के दौरान जैसे ही कड़ियां जुड़ीं, अपहरण की यह कहानी ठगी के बड़े नेटवर्क में बदल गई। पुलिस ने घेराबंदी कर गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार किया, जिसने कबूला कि यह किडनैपिंग नहीं बल्कि दुल्हन को सुरक्षित भगाने का एक नाटक था ताकि परिवार पुलिस में शिकायत न कर सके। पकड़े गए आरोपी के पास से लूटी गई रकम के 90 हजार रुपये बरामद कर लिए गए हैं।
फिलहाल, पुलिस ने फरियादी महेंद्र पाराशर की शिकायत पर मुख्य सूत्रधार राकेश शर्मा, बंटी धाकड़, हीरा ठाकुर और लुटेरी दुल्हन पूनम गौर सहित 4 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश का मामला दर्ज कर लिया है। ग्वालियर पुलिस की कई टीमें अब इस संगठित गिरोह के बाकी सदस्यों और ‘डॉली’ की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर शादी के नाम पर होने वाले इस तरह के संगठित अपराधों के प्रति समाज को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
