सुरेन्द्र त्रिपाठी उमरिया से
जिले में एक बड़ी और चिंताजनक घटना सामने आई है, जहाँ गणतंत्र दिवस के अवसर पर बच्चों को खिलाई गई बूंदी और विशेष भोज का बचा हुआ खाना खाने से उनकी तबीयत बिगड़ गई। घटना की जानकारी लगते ही सी एम एच ओ सहित प्रशासनिक अमला पहुंचा स्कूल
उमरिया 28 जनवरी 2026 (हिन्द संतरी )- जिले के करकेली ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले शासकीय हाई स्कूल जरहा में, 26 जनवरी को बूंदी और विशेष भोज खाने के बाद बच्चे अपने घर चले गए तो वहीं दूसरे दिन उसी बचे हुए खाने को फिर से स्कूल में बच्चों को परोसा गया जिसको खाने से 55 बच्चे बीमार हो गए। दरअसल 26 जनवरी के अवसर पर शासकीय हाई स्कूल जरहा में राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस का पर्व मनाया गया और कार्यक्रम के दौरान छात्रों को विशेष भोज खिलाया गया एव बूंदी भी वितरित की गई थी, जिसके बाद बच्चे अपने घर चले गए और दूसरे दिन भी उसी बचे हुए भोजन को बच्चों को मध्यान्ह भोजन के रूप में परोस दिया गया जिसको खाने के कुछ समय बाद छात्रों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, बच्चों को उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और घबराहट जैसी शिकायतें होने लगीं, जिससे कुछ अभिभावक खुद ही बच्चों को अस्पताल ले गए और जो बच्चे कुछ ठीक थे वो आज स्कूल पहुंचे और वहां उनकी तबियत बिगड़ने लगी जिससे कुछ स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्कूल प्रबंधन ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल इसकी सूचना दी। 8 छात्रों की हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय उमरिया भेजा गया और 37 छात्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र घुलघुली में इलाज दिया गया एव 10 छात्रों को गांव में ही अस्पताल स्टाफ द्वारा इलाज दिया गया!
डॉक्टर के एल बघेल ने बताया कि अब 47 छात्रों की हालत ठीक है एव 8 छात्रों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।
वहीं स्कूल की एक छात्रा ने बताया कि हम लोग बूंदी वगैरह खाए थे तो तबियत खराब हो गई थी, कल हमारी भी तबीयत खराब हो गई थी तो दवा खाए तो ठीक हो गई है बाकी बच्चे दूसरी एम्बुलेंस में हैं!
वहीं जिला अस्पताल के आर एम ओ डॉक्टर संदीप सिंह ने बताया कि अभी हमारे यहां 108 एम्बुलेंस से 7 बच्चियां आधे घंटे पहले आई हैं और 1 बच्ची को उसके गार्जियन खुद लाए हैं कुल 8 बच्चियां हैं और वो सभी स्टेबल हैं, कुछ कहा नहीं जा सकता है ऐसी स्थिति क्यों हुई है!
घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे। प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि भोजन में किसी प्रकार की मिलावट या खराब गुणवत्ता के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ी है। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए भोजन के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इस घटना के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश देख । बच्चों के परिजनों का कहना है कि स्कूल में वितरित किए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस बार लापरवाही ने बच्चों की जान को खतरे में डाल दिया। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सभी बीमार बच्चों की स्थिति अब स्थिर है और किसी भी तरह की जानलेवा स्थिति नहीं है।
वहीं बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि हमारे यहां महिला स्वसहायता समूह ने ठेके पर गांव के ही सूर्य प्रकाश गुप्ता को सारी जवाबदारी दे दिया है और उन्हीं के द्वारा मध्यान्ह भोजन बनवाया जाता है, इतना ही नहीं यदि उनके यहां जांच की जाय तो एम डी एम का चावल कई बोरी उनके घर में मिलेगा, उनके द्वारा गुणवत्ताहीन भोजन हमेशा दिया जाता है जिसकी कई बार शिकायत की जा चुकी है लेकिन जिले के अधिकारियों का संरक्षण मिला होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं होती है, वहीं जिला शिक्षा अधिकारी तो मौन व्रत धारण किए बैठे हैं, फिलहाल, पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन की ओर से रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है या फिर इस बार भी क्लीन चिट मिल जाती है!
