
उमरिया 23 फरवरी 2026 (हिन्द संतरी/सुरेन्द्र त्रिपाठी की रिपोर्ट ) जिले में नित नये घोटाले सामने आ रहे हैं, जिधर भी नजर दौड़ाएं एक नया घोटाला सामने आता है, या यूं कहें कि जिला ही घोटालों का है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी, आज आपको उपार्जन का नया घोटाला बता रहे हैं मामला है धान उपार्जन का, जिले में धान उपार्जन हुआ और 44 खरीदी केंद्रों के माध्यम से 25522 किसानों से 16 लाख 18 हजार 244 क्विंटल धान की खरीदी की गई जिसमें गोदाम एव कैप स्तर पर 6 केंद्र बनाए गए थे और 38 केंद्र समिति स्तर पर अर्थात खुले में खरीदी हुई थी, उन जगहों से खरीदी गई धान का परिवहन करने के लिये छतरपुर के परिवहनकर्ता पारस जैन को नियुक्त किया गया था l
इस वर्ष प्रदेश सरकार ने धान परिवहन में प्रयुक्त वाहनों में जीपीएस अनिवार्य किया था और सभी वाहनों में लगाया भी गया था वहीं जब कोई भी ट्रक धान लोड करने जाता था तो उसकी टी सी कटने से पहले परिवहनकर्ता द्वारा नियुक्त प्रतिनिधि के मोबाइल में ओ टी पी आती थी, बिना ओटीपी के धान नहीं लोड हो सकती थी, इतनी सुरक्षा के बाद परिवहनकर्ता पारस जैन और उनके प्रतिनिधि भोलू अग्रवाल मिल कर 550 बोरी धान अर्थात एक ट्रक गायब कर दिए, जिसका आज तक पता नहीं है, सारे मामले का खुलासा तब हुआ जब खरीदी केन्द्र नौगमा के किसान धान के पैसों के लिए खरीदी प्रभारी के पास चक्कर लगाने लगे, तब खरीदी प्रभारी अभय चतुर्वेदी भी पता लगाने लगे कि हमने सभी किसानों का धान गोदाम में भेज दिया लेकिन 7 जनवरी को भेजी गई तीन किसानों की 220 क्विंटल अर्थात 550 बोरी धान का भुगतान नहीं हुआ l
खरीदी केंद्र नौगमा के प्रभारी अभय चतुर्वेदी ने बताया कि दिनांक 07/01/2025 को ट्रक क्रमांक एम पी 04 जेड यू 7266 में टी सी क्रमांक 59341080045 के माध्यम से 550 बोरी अर्थात 220 क्विंटल धान परिवहनकर्ता के प्रतिनिधि भोलू अग्रवाल के द्वारा ओटीपी बताने के बाद हमारे सेंटर से लोड करवाया गया और उसमें तीन किसानों लालमणि सिंह, विनीता पटेल एव राजेंद्र पटेल की धान रही जिनकी पेमेंट आज तक नहीं हुई, हर जगह पता लगाने के बाद मेरे द्वारा नागरिक आपूर्ति निगम के प्रभारी जिला प्रबंधक श्री रोहित सिंह बघेल जी के यहां 16 फरवरी को लिखित में सूचना दे दिए हैं कि मेरे किसानों का भुगतान करवाया जाय l
वहीं इस मामले में वेयर हाउस की जिला नोडल अधिकारी लक्ष्मी मरावी बताई कि इस नम्बर की टीसी का माल एव इस नम्बर की गाड़ी हमारे जिले के किसी गोदाम एव ओपन कैप में आज तक नहीं आया और न ही मेरे को जानकारी है l
वहीं इस बारे में छतरपुर के परिवहनकर्ता पारस जैन ने सीधे मना करते हुए कहा कि मेरे कोई कोई जानकारी नहीं है, मै पता लगाने की कोशिश करता हूं l
वहीं इस मामले में प्रभारी जिला नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक एवं प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी रोहित सिंह बघेल ने बताया कि मेरे संज्ञान में यह मामला आया है मैं नोटिस काट रहा हूं और देखता हूं धान कहां गई l
गौरतलब है कि जिले में अभी लगभग 400 किसान धान के भुगतान के लिए भटक रहे हैं और अधिकारी मूकदर्शक बने बैठे हैं वहीं अगर देखा जाय तो सारी जवाबदारी ए आर सी एस, जिला आपूर्ति अधिकारी और जिला नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक के साथ जिले के कलेक्टर की है लेकिन जिले में प्रभारी राज होने के कारण सभी मनमानी करने में लगे हैं और भाजपा सरकार के सुशासन को कागजों में चरितार्थ कर रहे हैं भले ही जनता और किसान परेशान हों
