उमरिया से सुरेन्द्र त्रिपाठी
उमरिया 28 जनवरी 2026 (हिन्द संतरी ) जिला मुख्यालय स्थित पुरानी नेशनल हाईवे के रानी दुर्गावती चौक जहां डी एफ ओ विवेक सिंह द्वारा पुरानी बांउड्री वाल तोड़कर नई बांउड्री वाल सड़क से सटाकर बनाई जा रही है, घर और आफिस के साथ साथ बांउड्री वाल पर भी पुट्टी – कलर किया जा रहा है, इस बात को लेकर कांग्रेस और भाजपा के पदाधिकारियों ने जब डीएफओ से बात की तो उन्होंने सबको अनसुना कर दिया वहीं कांग्रेसी और भाजपाईयों ने कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपकर कार्यवाही की मांग की है, कांग्रेस और भाजपा दोनों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह अतिक्रमण कर सड़क को संकरा करने और पानी निकासी की नाली को अवरुद्ध करने के अलावा नगर पालिका से बिना अनुमति कार्य करवाया जा रहा है।
वहीं कांग्रेस नेता एवं पार्षद त्रिभुवन प्रताप सिंह ने बताया कि आज हम उमरिया नगर पालिका के सभी पार्षद गण एव सभी दलों के लोग इकठ्ठा होकर नगर की गम्भीर समस्या पर कलेक्टर साहब का ध्यान दिलाने आए हैं कि वन विभाग द्वारा अधिकारियों के बंगले एव कार्यालय की बाउंड्रिया जो पचासों साल पहले से बनी हुई थी उसको तोड़ कर 20 से 30 फुट बढ़ा कर रोड पर कब्जा और फुटपाथ पर कब्जा कर बढ़ाया जा रहा है यह शहर जिला मुख्यालय है, यहां आबादी बढ़नी है, यातायात का दबाव बढ़ना है, यह एक्सीडेंटल जोन है, इस विभाग द्वारा एक अजीब सी स्थिति निर्मित की जा रही है, जो उमरिया नगर के हितों के खिलाफ है, जहां शासन के पैसों का दुरूपयोग है वहीं दूसरी तरफ इनको जिन मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए जैसे सामान्य वन मंडल में बाघ मर रहे हैं, रेत की चोरियां हो रही हैं, लकड़ी की कटाई हो रही है, अपने मूल कार्यों पर ध्यान न देते हुए, विलासिता पूर्ण अपने बंगले, अपने कार्यकाल की बाउंड्रिया इन पर पुट्टी करवाना शासन के धन का अपव्यय है इस पर रोक लगाएं, हमने कलेक्टर साहब से निवेदन किया कि सर जी सभी संबंधित विभाग मिल कर तय करें कि जहां पूर्व में बाउंड्री थी वहां पर जाय और इस शहर के सड़कों को चौड़ा किया जाय और यदि चौड़ा न हो सके तो कम से कम जहां रहा वहीं रहने दिया जाय, इन्हीं मांगों को लेकर हम सभी पार्षद साथी ने निवेदन किया है, कलेक्टर साहब ने कहा है कि इस पर गंभीरता से रोक लगाई जाएगी, और संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश भी जारी हुए हैं कि इसको रोका जाय। यदि इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो उमरिया हम सभी का घर है और हम सभी दल के लोग मिल कर अपने नगर की रक्षा करना जानते हैं और जो भी आवश्यकता होगी हम सभी मिल कर इस तरह के अधिकारियों के कृत्यों का विरोध करेंगे।
वहीं इस मामले पर भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया कि उमरिया डी एफ ओ साहब का बंगला सब के बीच चर्चा का विषय बन गया है और वो विलासिता का केन्द्र बन गया है, डी एफ ओ साहब की सनक इस तरह बढ़ गई है कि पूरे शहर को अपने अधीनस्थ लाना चाहते हैं, न वो चाहते हैं कि यहां रेवेन्यू बचे, न वो चाहते हैं कि यहां हॉस्पिटल बचे, न वो चाहते हैं कि यहां सामान्य जन मानस रहे, वो चाहते हैं कि यहां डी एफ ओ साहब का ही निवास रहे, उनकी सनक के कारण जो उमरिया का मुख्य मार्ग है स्टेशन चौराहे से लेकर नए बस स्टैंड तक जो पुराना एन एच है, उस पर वो कब्जा कर ले रहे हैं, अपनी पक्की बाउंड्री बना कर वो चौड़ीकरण को खत्म कर रहे हैं, आने वाले समय में हमको इस रोड में नाली बनानी है, पाईप लाईन डालनी है, पानी की सप्लाई जानी है, बच्चों और बुजुर्गों के चलने के लिए फुटपाथ बनने हैं, डी एफ ओ साहब पूरे सड़क को कब्जा किए ले रहे हैं, एक तरफ अपने बंगले की बाउंड्री बना कर कब्जा कर लिए दूसरी तरफ अपने ऑफिस की बाउंड्री बना कर कब्जा कर रहे हैं, इन सबको देखते हुए हम सभी 24 वार्ड के पार्षद इकठ्ठा होकर कलेक्टर साहब को ज्ञापन दिया जिस पर उन्होंने तत्काल कहा है कि कार्रवाई के इसको हटाया जाए यह शहर आम जन मानस का है उनके सनक के लिए नहीं है कि कोई सनक जाय और शहर को बेतरतीब कर दे।
गौरतलब है कि जिले के कलेक्टर किसी भी मामले पर मीडिया के सामने आने से मना कर चुके हैं और जिसके चलते जिले का मीडिया भी उनके विरोध में खड़ा है तो दूसरी तरफ जिले में आम जनता भी कलेक्टर के कार्य कलापों से नाखुश है और जिले में सारे काम कागजों में चल रहे हैं किसी को कोई लाभ नहीं मिल रहा है, जिले में भ्रष्टाचार का बोलबाला है, सारे विभाग निरंकुश हैं, जिले की जनता तो मुख्यमंत्री से इनको हटाने की मांग भी कर रही है कि जिले में लोगों को लाभ मिल सके। वहीं देखना होगा कि इस मुद्दे पर कुछ होता या नहीं या फिर सभी दलों को आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ता है।
