
सुरेन्द्र त्रिपाठी की रिपोर्ट
उमरिया 28 जनवरी 2026 (हिन्द संतरी) जिले में सहकारिता विभाग के द्वारा किये जा रहे घोटाले घटने का नाम नहीं ले रहे हैं, प्रभारी ए आर सी एस अभय सिंह एवं सेवा निवृत्त जिला आपूर्ति अधिकारी बलमेन्द्र सिंह परिहार के चहेते सहकारी समिति कोटरी के प्रबंधक रजनीश दत्त तिवारी द्वारा करोड़ों के घोटाले करने के बाद भी आज तक सहकारिता विभाग द्वारा जांच नहीं किया जाना एव पूर्ण संरक्षण दिया जाना लोगों की समझ से परे है, सबसे खास बात यह है कि कोटरी समिति के प्रबंधक पद उनकी नियुक्ति ही अवैध है, इतना ही नहीं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के जी एम संतोष यादव द्वारा इनके कृत्यों की जांच करने के लिए तीन सदस्यीय समिति भी गठित की गई है जिसमें इंदवार ब्रांच मैनेजर राजधर तिवारी, मानपुर ब्रांच मैनेजर कमलेश तिवारी और उमरिया ब्रांच मैनेजर प्रवीण तिवारी को शामिल किया गया, लेकिन आज तक इनके द्वारा उस जांच समिति को रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं करवाए गए जिसके चलते जांच अभी भी लम्बित है और इनके द्वारा लगातार घोटाले पर घोटाले किए जा रहे हैं, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान इनके द्वारा अवैध रूप से किसानों से धान साफ करने के नाम पर 20 रुपए प्रति क्विंटल की दर से वसूली की गई है इतना ही नहीं किसानों से बोरी भराई, तुलाई, सिलाई और स्ट्रेसिल लगवाई तक का पैसा वसूला गया है साथ ही हर किसान से 40 किलो 650 ग्राम की जगह 41 किलो 500 ग्राम धान लिया गया है। इतने पर भी इनका मन नहीं भरा तो अपने चहेते जिन लोगों के नाम से फर्जी रजिस्ट्रेशन करवा कर रखे थे धान खरीदी के अंतिम दिन अर्थात 20 जनवरी को उनके नाम पर धान खरीदी दर्शा दिए और वह धान नहीं आ पाई जिसके कारण व्यापारियों से धान खरीदी कर अब उसकी पूर्ति करने में लगे हैं। जानकारी के अनुसार 3 पिकअप अर्थात 240 बोरी धान मंगवा कर खरीदी केन्द्र में रख चुके थे तभी किसी ने प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी को इसकी सूचना दे दिया और वो आनन फानन में मौके पर दबिश दे दिये जिसमें उनको मौके से पिकअप क्रमांक एम पी 21 जी 2233 में 80 बोरी अवैध धान लदी हुई मिल गई जिस पर प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी द्वारा जप्ती की कार्रवाई कर पुलिस के हैंडओवर किया जाने लगा। वहां मौजूद मजदूरों ने बताया कि पुराने वाले साहब का फोन साहब के पास आ गया तो वो पुलिस को न बुला कर तिवारी जी को ही सुपुर्दगी में दे दिये।
इस मामले में प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी रोहित सिंह बघेल ने बताया कि सूचना पर खरीदी केंद्र में दबिश दी गई थी वहां अवैध रूप से लाई गई धान मिली है जिसको जप्त कर कार्रवाई की गई है और समिति प्रबंधक रजनीश दत्त तिवारी को नोटिश जारी किया गया है, उनसे जबाव मांगा गया है, उनके ज़बाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी, मेरे द्वारा किसी भी गलत करने वाले को नहीं बख्शा जाएगा, नियमतः कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि रजनीश दत्त तिवारी के प्रभार वाले सारे खरीदी केंदों की जांच की जाय तो लगभग 2900 बोरी धान की घटती आएगी अर्थात 1160 क्विंटल धान का घोटाला हो गया है यदि उसको मात्र समर्थन मूल्य के दर से देखा जाय तो 27 लाख 48 हजार 40 रुपए का घोटाला हो गया है। इतना तो शासकीय राशि है और जो किसानों से वसूली किए हैं वह अलग है खरीदी केंद्र कोटरी में 40 हजार 820 क्विंटल 16 किलो एवं खरीदी केंद्र गडरिया टोला में 66 हजार 996 क्विंटल 48 किलो धान की खरीदी इनके द्वारा की गई अर्थात इनके द्वारा कुल खरीदी 1 लाख 7 हजार 816 क्विंटल 64 किलो की खरीदी की गई है अब अगर मात्र धान साफ करने के नाम से किसानों से जो 20 रुपए प्रति क्विंटल के दर से वसूली की गई है और उसी रकम को जोड़ा जाय तो 21 लाख 56 हजार रुपए की अवैध वसूली तो यही हो गई बाकी तो अलग है। ऐसे में शासन और प्रशासन को चाहिए कि रजनीश दत्त तिवारी की निष्पक्ष और ईमानदारी से जांच करवा कर कार्रवाई करे ताकि क्षेत्र के गरीब किसानों को राहत मिल सके।
