उमरिया 23 मार्च 2026 (हिन्द संतरी ) शहड़ोल संभाग के उमरिया जिले का विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व इन दिनों वन्य जीवों की मौत के मामले में सुर्खियों में बना हुआ है, तीन दिन पूर्व बाघिन की मौत हुई और अब तेंदुए के मौत की खबर ने वन्य जीव प्रेमियों को हिला दिया l
बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के क्षेत्र संचालक डॉक्टर अनुपम सहाय ने बताया कि दिनाँक 21.03.2026 को परिक्षेत्र पनपथा बफर अंतर्गत ग्राम महरोई राजस्व क्षेत्र में एक नर तेंदुआ आयु लगभग 4 वर्ष की कुएं में गिरने से मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर बीटीआर प्रबंधन टीम द्वारा मौके पर पहुंच कर शव को बाहर निकाल कर निर्धारित एसओपी अनुसार डॉग स्क्वाड एवं मेटल डिटेक्टर द्वारा सर्च कराया गया। पश्चात वन्य प्राणी स्वास्थ्य अधिकारी एवं पशु चिकित्सक की टीम द्वारा मृत तेंदुए के शव का शव परीक्षण किया गया। शव परीक्षण में मृत्यु का कारण कुएं में डूबना पाया गया। शव परीक्षण के बाद निर्धारित एसओपी अनुसार क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया , NTCA प्रतिनिधि, तहसीलदार मानपुर, वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी, खंड पशु चिकित्सा अधिकारी, सरपंच पनपथा एवं अन्य वन अधिकारी कर्मचारी की उपस्थिति में मृत तेंदुए के शव का शवदाह किया गया।
सबसे खास बात यह है कि अभी तक बिना मुड़ेर के कुओं में वन्य जीवों की गिरने से मौत होती थी जिसको लेकर पार्क प्रबंधन हमेशा बहाना बनाता था कि कुएं में मुड़ेर नहीं होने के कारण जानवर धोखे से गिर कर मर जाते हैं लेकिन अब जब सी ई ओ जिला पंचायत द्वारा सभी पंचायत क्षेत्रों में बिना मुड़ेर के कुओं का सर्वे करवा कर करोड़ों रुपए का बजट दिया गया और सभी कुओं में मुड़ेर बनवा दिया गया तब उसमें तेंदुआ कैसे गिर गया और उसकी मौत हो गई l ऐसे में तो लगता है कि पार्क प्रबंधन और सी ई ओ जिला पंचायत की मिलीभगत से कुओं में मुड़ेर बनाने की औपचारिकता निभा कर बजट का खेल – खेला गया या फिर तेंदुए ने कुएं में कूद कर आत्महत्या कर लिया l
सुरेन्द्र त्रिपाठी जी की रिपोर्ट
