जैसे ही इस शर्मनाक करतूत का खुलासा हुआ, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। रात के वक्त बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्राओं के परिजन पटवारी के घर जा धमके। जब आरोपी का मोबाइल चेक किया गया, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। मोबाइल के ‘रिसाइकल बिन’ में न केवल पीड़ित छात्रा का, बल्कि अन्य छात्राओं के भी दो से तीन आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए। इसके बाद उत्तेजित भीड़ ने कानून हाथ में लेते हुए आरोपी पटवारी की जमकर पिटाई की, जिससे उसके कपड़े तक फट गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन हालात इतने तनावपूर्ण थे कि पुलिस को प्रदर्शनकारियों के बीच से आरोपी को पहले पैदल और फिर बाइक पर बैठाकर सुरक्षित थाने ले जाना पड़ा।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महेश साहू के खिलाफ पॉक्सो POCSO एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आरोपी के फोन से मिले वीडियो इस घिनौने अपराध के पुख्ता सबूत हैं। इस घटना ने उन अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है जिनकी बेटियां बाहर रहकर पढ़ाई करती हैं। स्थानीय लोगों ने आरोपी को सेवा से बर्खास्त करने और कठोरतम सजा की मांग की है। देर रात तक थाने के बाहर परिजनों का डेरा जमा रहा, जिन्हें पुलिस ने निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाकर शांत कराया। फिलहाल, पुलिस अन्य पीड़ितों की संभावना को देखते हुए आरोपी के पिछले रिकॉर्ड और फोन डेटा की गहराई से जांच कर रही है ताकि किसी भी अन्य सबूत को डिलीट न किया जा सके।
