प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना उस वक्त की है जब शिशिर सिंह राजपूत नाइट ड्यूटी पर तैनात थे। वे अपनी कुर्सी पर बैठे हुए थे, तभी अचानक उन्होंने अपनी 7.62 एमएम सर्विस राइफल को अपने सिर से सटाकर ट्रिगर दबा दिया। गोली सिर के आर-पार निकल गई और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण आरक्षक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गोली की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद अन्य कर्मचारी घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। मामले की सूचना मिलते ही एसपी रामजी श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे।
घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने पर पुलिस को आरक्षक का मोबाइल फोन टूटा हुआ मिला है। प्रारंभिक जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि खुदकुशी जैसा खौफनाक कदम उठाने से ठीक पहले आरक्षक मोबाइल पर किसी से बात कर रहे थे। पुलिस को संदेह है कि बातचीत के दौरान शिशिर किसी गहरी मानसिक वेदना या आवेश में आ गए थे, जिसके चलते उन्होंने पहले अपना फोन तोड़ा और फिर तत्काल खुद को गोली मार ली। यह आवेश व्यक्तिगत कारणों से था या विभागीय दबाव से, इसकी गहनता से पड़ताल की जा रही है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। एसपी रामजी श्रीवास्तव ने बताया कि घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है और मोबाइल के डेटा को रिकवर करने की कोशिश की जाएगी ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके। फिलहाल, इस घटना के बाद पुलिस लाइन में शोक की लहर व्याप्त है और सहकर्मी इस आकस्मिक क्षति से स्तब्ध हैं।
