सिंगरौली को देश के प्रमुख खनन क्षेत्रों में गिना जाता है यहां कोयला और अन्य खनिज संसाधनों की प्रचुरता है यही कारण है कि जिले की अर्थव्यवस्था में खनन का अहम योगदान रहता है इस बार प्रशासन ने योजनाबद्ध रणनीति और कड़ी निगरानी के साथ राजस्व वसूली को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है
केवल खनिज राजस्व ही नहीं बल्कि कर वसूली के क्षेत्र में भी जिले ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है प्रशासन ने निर्धारित लक्ष्य का 97.61 प्रतिशत हासिल करते हुए 946.80 करोड़ रुपये की वसूली की है यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि जिले में वित्तीय प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था बेहद मजबूत हुई है
इस उपलब्धि के पीछे प्रशासन की सख्ती और पारदर्शी कार्यप्रणाली को मुख्य कारण माना जा रहा है खासतौर पर अवैध खनन के खिलाफ अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति ने बड़ा असर दिखाया है पूरे साल में 289 मामलों में कार्रवाई करते हुए 2.20 करोड़ रुपये की वसूली की गई है इससे न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगा है बल्कि सरकारी राजस्व में भी वृद्धि हुई है
जिला प्रशासन का कहना है कि यह सफलता किसी एक विभाग की नहीं बल्कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम है खनिज विभाग अधिकारियों और मैदानी अमले की लगातार निगरानी और समन्वय के कारण यह संभव हो सका है साथ ही तकनीक के उपयोग और पारदर्शी व्यवस्था ने भी इस प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है
सिंगरौली का यह प्रदर्शन पूरे प्रदेश के लिए एक उदाहरण बन गया है यह दिखाता है कि यदि सही रणनीति और कड़ाई से नियमों का पालन किया जाए तो राजस्व वसूली में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है आने वाले समय में भी प्रशासन इस गति को बनाए रखने और नए कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में काम करता रहेगा
इस उपलब्धि ने न केवल जिले की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है बल्कि प्रदेश स्तर पर उसकी पहचान को भी और सशक्त किया है सिंगरौली का यह मॉडल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है जहां खनन और राजस्व प्रबंधन को लेकर सुधार की आवश्यकता है
