समाज की ओर से जारी जानकारी के अनुसारयह नियुक्ति मुख्य रूप से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनानेसमाज के सदस्यों को एक साझा मंच पर जोड़ने और सामाजिक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है। राष्ट्रीय नेतृत्व का मानना है कि श्री गुप्ता के प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक समझ से बिलासपुर जिले में समाज की गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी।श्री खरे वैश्य समाज की राष्ट्रीय टीम ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया यहीं समाप्त नहीं होगी। आने वाले समय में जिला स्तरीय टीम के अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों की घोषणा भी की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य एक समन्वित और सशक्त कार्यकारिणी का गठन करना है, जिसमें समाज के सभी वर्ग-युवा, महिला, वरिष्ठ नागरिक और पेशेवर-सक्रिय रूप से जुड़े।
घोषणा के बाद बिलासपुर जिले के समाजजनों में उत्साह देखा गया। कई सदस्यों ने इसे संगठन के लिए सकारात्मक और दूरगामी कदम बताया। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में समाज के सामाजिक शैक्षणिक और सेवा से जुड़े कार्यक्रमों में तेजी आएगी। संगठन का उद्देश्य केवल विस्तार नहीं है बल्कि आपसी सहयोग, सामाजिक एकता और जरूरतमंदों की सहायता को भी प्राथमिकता देना है।समाज ने बिलासपुर जिले के सभी सदस्यों से अपील की है कि वे आगामी बैठकों और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाएं। इसके लिए जानकारी और संपर्क के लिए मोबाइल नंबर 9399362152 उपलब्ध कराया गया है। समाज ने जोर दिया है कि अधिक से अधिक लोग सक्रिय होकर संगठन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में योगदान दें।
अखिल भारतीय श्री खरे वैश्य समाज देशभर में समाज के हितों के संरक्षण, सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन और सामाजिक विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। बिलासपुर जिले में नई जिम्मेदारी के साथ संगठन को उम्मीद है कि स्थानीय स्तर पर समाज की आवाज और प्रभावी रूप से सामने आएगी। संगठन की योजना है कि एकजुटता और सामूहिक प्रयास के माध्यम से आने वाले वर्षों में विभिन्न योजनाओं को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जाए।श्री गुप्ता की नियुक्ति से बिलासपुर में न केवल संगठन की सक्रियता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय समुदायों में सामाजिक समन्वय और सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। समाज की गतिविधियों में भागीदारी के जरिए युवा वर्ग और अन्य सदस्य संगठन की विकास योजनाओं का हिस्सा बन सकेंगे।इस प्रकार, बिलासपुर में श्री गुप्ता की नई जिम्मेदारी से समाज की संरचना मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर सामाजिक एकता, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन में नई ऊर्जा आएगी।
