मौसम में आए इस बदलाव के चलते दिन और रात दोनों के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान बढ़कर लगभग 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है जो सामान्य से अधिक माना जा रहा है वहीं अधिकतम तापमान भी सामान्य से ऊपर बना हुआ है जिससे गर्मी का असर और ज्यादा महसूस किया जा रहा है
विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य मौसमी सिस्टम अब कमजोर पड़ चुके हैं इसके कारण राजस्थान क्षेत्र में बने दबाव के चलते सूखी और गर्म हवाएं मध्य भारत की ओर बढ़ रही हैं जिसका सीधा असर दतिया और आसपास के क्षेत्रों में देखा जा रहा है इन गर्म हवाओं ने मौसम को तेजी से शुष्क और तपता हुआ बना दिया है
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना फिलहाल नहीं है बल्कि 15 अप्रैल के बाद तापमान में और अधिक बढ़ोतरी हो सकती है जिससे लू जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं यह स्थिति लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकती है
इसी को देखते हुए प्रशासन और विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दिन के समय विशेषकर दोपहर में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन जैसी समस्या न हो
इस बीच कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार भी इस वर्ष अप्रैल से ही गर्मी की तेज शुरुआत को संकेत माना जा रहा है और अनुमान जताया जा रहा है कि यह गर्मी का दौर लंबे समय तक यानी जुलाई तक बना रह सकता है जिससे आने वाले महीनों में भी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है कुल मिलाकर दतिया में मौसम का बदलता मिजाज लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है
