जांच में सामने आया कि तीनों छात्र हॉस्टल से अपनी मर्जी से मुंबई जाने निकले थे, ताकि वहां जाकर हीरो बनने का सपना पूरा कर सकें। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की और देर शाम उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
परिजनों ने बताया कि बच्चों के लापता होने की सूचना मिलते ही उन्होंने आसपास के बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और रिश्तेदारों के यहां खोजबीन की, लेकिन रात तक किसी तरह की जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित की और पूरे मामले को गंभीरता से लिया।
पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने बच्चों की जानकारी देने वाले को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में बनाई गई विशेष टीम ने शिवपुरी और गुना के 50 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जांच में पता चला कि तीनों छात्र गुना की ओर गए हैं।
सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम गुना पहुंची और वहां बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले। आखिरकार तीनों छात्र गुना रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित पाए गए। पुलिस ने बताया कि छात्र पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी कोई हानि नहीं हुई। अब तीनों को उनके परिवार के पास लौटा दिया गया है।
यह घटना इस बात का उदाहरण है कि नाबालिग छात्रों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण होती है। सुरक्षा उपायों और सीसीटीवी निगरानी की मदद से एक बड़ी अनहोनी टल गई और तीनों बच्चों को सुरक्षित घर लौटाया जा सका।
