इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों और आम आदमी पार्टी के नेता चेतन परमार ने सड़क पर प्रदर्शन करते हुए हाईवे पर स्पीड ब्रेकर और डिवाइडर बनाने की मांग की। लोगों ने चक्का जाम किया, जिसे पुलिस ने समझा-बुझाकर लगभग डेढ़ घंटे बाद खोलवाया। लोग सड़क सुरक्षा के लिए प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
दूसरी दर्दनाक घटना बैतूल जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुई। यहां गुरुवार की रात अधूरी पुलिया पर तूफान जीप और यात्री बस के बीच भीषण टक्कर हुई। चिचोली से पचमढ़ी जा रहे श्रद्धालुओं से भरी जीप को बस ने टक्कर मारी, और हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच मरीज लेने आई तेज़ रफ्तार हाईवे पेट्रोलिंग एम्बुलेंस ने घटनास्थल पर खड़े श्रद्धालुओं को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई।
इस पूरे हादसे में दो एम्बुलेंस कर्मियों समेत कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन और स्थानीय लोगों का कहना है कि रफ्तार और सड़क सुरक्षा पर गंभीर कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि ऐसे हादसों से आम जनता की जान बचाई जा सके।
ये घटनाएं मध्यप्रदेश में सड़क सुरक्षा की अनदेखी को उजागर करती हैं। तेज़ रफ्तार वाहन, अधूरी पुलिया, और सुरक्षित इंतजामों की कमी ने न केवल परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई बल्कि आम लोगों में भय और असुरक्षा की भावना भी पैदा कर दी है। हादसे के बाद लोगों की मांग है कि सड़कों पर स्पीड ब्रेकर और डिवाइडर की व्यवस्था की जाए, और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
मध्यप्रदेश के नागदा और शाहपुर की ये घटनाएं सबको सचेत करती हैं कि सड़क पर रफ्तार को नियंत्रित करना अब जीवन बचाने का सबसे बड़ा उपाय है। सुरक्षा की अनदेखी महंगी पड़ रही है, और प्रशासन एवं जनता दोनों को मिलकर कदम उठाने होंगे।
