पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ-2028 के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए यह उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में शामिल अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पुलिस बल को समय पर समुचित प्रशिक्षण दिया जाए और किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहें। बैठक में एडीजी इंटेलीजेंस डीजी ईओडब्ल्यू और सिंहस्थ-2016 में पदस्थ रहे पूर्व आईजी मनोहर वर्मा समेत स्थानीय और बाहरी जिलों से लगभग 22 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
एसपी शर्मा ने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से प्रशिक्षण मॉड्यूल की समीक्षा और रिविजन पर जोर दिया गया। पुराने अनुभवों को ध्यान में रखते हुए नए तकनीकी उपकरणों मॉनिटरिंग सिस्टम और सुरक्षा प्रबंधन के तरीकों को जोड़कर एक संतुलित प्रशिक्षण योजना बनाई जा रही है। इससे न केवल पुलिस बल की कार्यकुशलता बढ़ेगी बल्कि आने वाले विशाल आयोजन में सुरक्षा व जनसुविधा सुनिश्चित करना भी आसान होगा।
बैठक में प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा रिसोर्स पर्सन की नियुक्ति संचालन तंत्र और व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से सभी स्तरों पर दिया जाए और वास्तविक परिस्थितियों में पुलिस कर्मियों की क्षमता बढ़ाने के लिए सिमुलेशन और अभ्यास सत्र आयोजित किए जाएं।
पुलिस विभाग का मानना है कि समय पर सुव्यवस्थित प्रशिक्षण और रणनीतिक तैयारी ही सिंहस्थ-2028 जैसे विशाल आयोजन को सफल और सुरक्षित बनाने की आधारशिला है। अधिकारी यह भी मानते हैं कि तकनीक और पुराने अनुभवों का सही संयोजन आने वाले वर्षों में आयोजनों को और प्रभावी और नियंत्रित बनाने में मदद करेगा।
सुरक्षा व्यवस्था के अलावा बैठक में भीड़ नियंत्रण यातायात प्रबंधन आकस्मिक स्थिति से निपटने के उपाय और जनसंपर्क रणनीतियों पर भी चर्चा की गई। एसपी शर्मा ने कहा कि इस बार प्रशिक्षण मॉड्यूल में नई तकनीक और डिजिटल साधनों के माध्यम से सतत निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उज्जैन पुलिस का उद्देश्य है कि सिंहस्थ-2028 में श्रद्धालुओं और नागरिकों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराते हुए आयोजनों का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित किया जाए। अधिकारी इस आयोजन को देखते हुए समय रहते हर स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
