इसी बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों खासकर इन राज्यों के मतदाताओं से मतदान करने की अपील की है उन्होंने अपने संदेश में पारंपरिक और प्रभावी नारे पहले मतदान फिर जलपान को दोहराते हुए लोगों को अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि असम केरल और पुडुचेरी में आज लोकतंत्र का महापर्व है विधानसभा चुनाव 2026 के इस महत्वपूर्ण अवसर पर सभी मतदाताओं से विनम्र आग्रह है कि वे अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करें उन्होंने यह भी कहा कि हर एक वोट केवल सरकार चुनने का माध्यम नहीं होता बल्कि यह विकास और सुशासन की मजबूत नींव रखने का भी आधार बनता है
दरअसल इन तीनों राज्यों में चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से जोरदार प्रचार अभियान चल रहा था जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता सक्रिय रूप से जुटे हुए थे इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी चुनाव प्रचार में शामिल हुए जिनमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मौजूदगी भी उल्लेखनीय रही
मतदान के दिन उनकी यह अपील खास मायने रखती है क्योंकि यह न केवल मतदाताओं को जागरूक करने का प्रयास है बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने का संदेश भी देती है चुनाव आयोग द्वारा भी लगातार मतदाताओं को जागरूक करने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोग मतदान में हिस्सा लें
आज का दिन इन राज्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि मतदाताओं का निर्णय आने वाले वर्षों की राजनीति और विकास की दिशा तय करेगा ऐसे में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने अधिकार के साथ अपने कर्तव्य का भी पालन करे
लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब नागरिक सक्रिय रूप से इसमें भाग लें और मतदान के जरिए अपनी आवाज दर्ज कराएं यही कारण है कि पहले मतदान फिर जलपान जैसा संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है जितना पहले था यह केवल एक नारा नहीं बल्कि जागरूक नागरिक बनने की पहचान भी है
