उज्जैन/ 3 दिसंबर। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार तड़के सुबह चार बजे भव्य भस्म आरती का आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान महाकाल का पंचामृत पूजन कर भांग, चंदन और रजत ॐ अर्पित कर उनका श्रृंगार किया गया।
आरती और पूजन की विधि
सुबह सबसे पहले मंदिर के कपाट खुलने पर पुजारी भगवान का श्रृंगार उतारकर पंचामृत से पूजन करते हैं। इसके बाद कर्पूर आरती की जाती है। इस अवसर पर नंदी हाल में नंदी जी का स्नान, ध्यान और पूजन भी किया गया। भगवान महाकाल का जल से अभिषेक करने के बाद उन्हें दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बना पंचामृत अर्पित किया गया। इसके पश्चात ड्रायफ्रूट और फल-मिठाई का भोग भगवान को लगाकर भस्म अर्पित की गई।
भगवान महाकाल का श्रृंगार
पूजन के बाद भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला और रुद्राक्ष की माला पहनाई गई। इसके साथ ही उन्हें सुगंधित पुष्पों से बनी फूलों की माला भी धारण कराई गई। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित किया गया।
