भारत के खिलाफ आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला
35 वर्षीय एलिसा हीली ने साफ किया है कि भारत के खिलाफ होने वाली आगामी सीरीज उनके करियर की आखिरी अंतरराष्ट्रीय सीरीज होगी। उन्होंने यह खुलासा 12 जनवरी को ‘विलो टॉक’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान किया। हीली ने कहा कि उन्होंने मार्च 2026 के बाद क्रिकेट से दूर जाने का मन बना लिया है। उनका मानना है कि अब वह शुरुआती जैसी प्रतिस्पर्धी ऊर्जा महसूस नहीं कर पा रही हैं, जिसने कभी उन्हें इस खेल से जोड़े रखा।
2023 में संभाली थी कप्तानी
एलिसा हीली को साल 2023 में मेग लैनिंग के संन्यास के बाद ऑस्ट्रेलिया की फुल-टाइम कप्तान बनाया गया था। हालांकि भारत के खिलाफ होने वाली टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में वह हिस्सा नहीं लेंगी। चयनकर्ताओं का मानना है कि इससे टीम को टी20 वर्ल्ड कप से पहले नए संयोजन और भविष्य के कप्तान को परखने का मौका मिलेगा। हीली वनडे सीरीज खेलेंगी और इसके बाद पर्थ में 6 से 9 मार्च के बीच खेले जाने वाले डे-नाइट टेस्ट मैच के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहेंगी। यह उनके करियर का 11वां टेस्ट मैच होगा।
शानदार रहा एलिसा हीली का करियर
एलिसा हीली ने फरवरी 2010 में महज 19 साल की उम्र में ऑस्ट्रेलिया के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। अपने 16 साल से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने महिला क्रिकेट में कई कीर्तिमान स्थापित किए।
हीली ने 123 वनडे मैचों में 3,563 से अधिक रन बनाए, जबकि 162 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 3,054 रन उनके नाम दर्ज हैं। टी20 क्रिकेट में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 148 रन रहा, जो किसी भी फुल मेंबर टीम की महिला खिलाड़ी द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है।
खिताबों से भरा रहा सफर
एलिसा हीली ऑस्ट्रेलिया की सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार रही हैं। वह 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में महिला टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं। वहीं वनडे वर्ल्ड कप में उन्होंने 2013 और 2022 में खिताब अपने नाम किया। अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर हीली को 2018 और 2019 में आईसीसी टी20आई क्रिकेटर ऑफ द ईयर का सम्मान भी मिला।
ऑस्ट्रेलिया के लिए नई चुनौती
एलिसा हीली के संन्यास के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई टीम एक नए दौर में प्रवेश करेगी। टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से पहले टीम को नया कप्तान और नया संतुलन तलाशना होगा। क्रिकेट फैंस के लिए यह पल भावुक है, क्योंकि एलिसा हीली सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट की पहचान बन चुकी थीं।
