फखर जमान को इस टी20 वर्ल्ड कप में अब तक कोई मौका नहीं मिला है। 35 वर्षीय फखर आखिरी बार ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज में खेले थे, जिसमें दो मुकाबलों में केवल 20 रन बनाए थे। उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ सुपर-8 मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था, लेकिन बारिश के कारण इस मैच में एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी।
फखर जमान ने 7 जून 2017 को टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। तब से उन्होंने पाकिस्तान के लिए 118 टी20 मुकाबले खेले हैं, जिसमें 23.38 की औसत से 2,385 रन बनाए। इसके साथ ही उनके बल्ले से 13 अर्धशतक निकले। इसके अलावा उन्होंने 3 टेस्ट और 92 वनडे मैच भी खेले हैं। अश्विन के मुताबिक, फखर की स्पिनरों के खिलाफ स्वीप करने की क्षमता इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में पाकिस्तान के लिए बेहद कारगर साबित हो सकती है।
अश्विन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि पाकिस्तान को फखर जमान को मिडिल ऑर्डर में शामिल करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, “वह राशिद और डॉसन के खिलाफ स्वीप शॉट खेल सकते हैं और अपने बेहतरीन फुटवर्क का इस्तेमाल करके मिडिल ओवर्स में इंग्लैंड को नुकसान पहुंचा सकते हैं।”
अश्विन ने पाकिस्तान को आदिल राशिद और लियाम डॉसन के खिलाफ नेपाल के बल्लेबाजों के रणनीतिक ब्लूप्रिंट को अपनाने की भी सलाह दी। नेपाल ने ग्रुप स्टेज में इंग्लैंड के मुख्य गेंदबाज आदिल राशिद के खिलाफ तीन ओवर में 42 रन बनाए थे, जबकि आदिल को कोई विकेट नहीं मिला।
अश्विन ने आदिल राशिद के खिलाफ नेपाल की सफलता का फॉर्मूला साझा करते हुए कहा, “स्टेप हिट जोन में बॉल पाने के लिए स्क्वायर बाउंड्री का इस्तेमाल करें। यह रणनीति दो बार के चैंपियन इंग्लैंड के खिलाफ काफी प्रभावी साबित हुई थी।”
इस सलाह के बाद पाकिस्तान टीम को सुपर-8 मुकाबले में फखर जमान के प्रदर्शन और इंग्लैंड के खिलाफ सही रणनीति पर ध्यान देने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ऑर्डर में अनुभवी बल्लेबाज की वापसी टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच होने वाला यह मुकाबला टूर्नामेंट के अगले दौर में क्वालीफाई करने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। फखर जमान के शामिल होने से टीम की बल्लेबाजी गहराई मजबूत होगी और मिडिल ओवर्स में बड़े रन बनाने की संभावना बढ़ेगी।
