Udhampur के रहने वाले 27 वर्षीय बृजेश शर्मा एक अनकैप्ड राइट आर्म पेसर हैं जिनका क्रिकेट सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। खास बात यह है कि आईपीएल में चुने जाने से पहले उन्होंने प्रोफेशनल क्रिकेट तक नहीं खेली थी। इसके बावजूद राजस्थान रॉयल्स ने उन पर भरोसा जताया और ऑक्शन में उन्हें उनके बेस प्राइस 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। यह फैसला अब पूरी तरह सही साबित होता नजर आ रहा है।
गुवाहाटी में खेले गए इस मैच में राजस्थान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और कप्तान Riyan Parag के इस निर्णय को बृजेश शर्मा ने सही साबित कर दिखाया। उन्होंने तीन ओवर में सिर्फ 17 रन दिए और एक महत्वपूर्ण विकेट भी हासिल किया। उनकी सधी हुई लाइन लेंथ और आत्मविश्वास से भरी गेंदबाजी ने चेन्नई के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। डेब्यू मैच में इतना संयम और नियंत्रण दिखाना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी बात मानी जाती है।
बृजेश का यह सफर आसान नहीं रहा। वह पहले जम्मू कश्मीर की स्टेट टीम का हिस्सा थे लेकिन बाद में उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। यह उनके करियर का कठिन दौर था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। खुद को साबित करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत जारी रखी और दिल्ली के यूनिक स्पोर्ट्स क्लब में कोच दीपक पुनिया के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग शुरू की। इस दौरान उन्होंने खेल के प्रति अनुशासन और बड़े स्तर की क्रिकेट की समझ विकसित की जिसने उनके करियर को नई दिशा दी।
उनकी प्रतिभा की झलक 2025 की बंगाल प्रो टी20 लीग में देखने को मिली जहां उन्होंने मालदा स्मैशर्स की ओर से खेलते हुए सात मैचों में 11 विकेट झटके और टूर्नामेंट के टॉप गेंदबाजों में शामिल रहे। यही प्रदर्शन उनके लिए आईपीएल का दरवाजा खोलने में मददगार साबित हुआ।
बृजेश शर्मा का पारिवारिक बैकग्राउंड भी बेहद साधारण है। उनके पिता मजदूरी करते हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे के सपनों को टूटने नहीं दिया। बृजेश ने खुद स्वीकार किया कि उनके संघर्ष के दिनों में परिवार और दोस्तों ने आर्थिक और मानसिक रूप से उनका भरपूर साथ दिया। यही समर्थन उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना।
अगर मैच की बात करें तो चेन्नई सुपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 127 रन बनाए थे जिसे राजस्थान रॉयल्स ने आसानी से हासिल कर लिया। इस जीत में जहां बल्लेबाजों का योगदान रहा वहीं बृजेश शर्मा की गेंदबाजी ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।
बृजेश शर्मा की कहानी यह साबित करती है कि अगर मेहनत और जुनून सच्चा हो तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती। एक अनजान खिलाड़ी से आईपीएल स्टार बनने तक का उनका सफर आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है।
