47 गेंद शेष रहते हासिल किया लक्ष्य
राजस्थान ने 128 रनों के लक्ष्य को महज 12.1 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत की सबसे खास बात यह रही कि टीम ने 47 गेंदें बाकी रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया, जो गेंदों के लिहाज से उसकी अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले साल 2014 में राजस्थान ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 42 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की थी।
15 साल के वैभव सूर्यवंशी का तूफान
इस ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे महज 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से मैच को एकतरफा बना दिया। वैभव ने सिर्फ 17 गेंदों में 52 रन ठोक दिए और महज 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। 305 के स्ट्राइक रेट से खेली गई इस पारी में उन्होंने 4 चौके और 5 छक्के जड़े। उनके आउट होने तक राजस्थान जीत की दहलीज पर पहुंच चुका था। वहीं यशस्वी जायसवाल ने 36 गेंदों में 38 रन बनाकर नाबाद रहते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया।
सीएसके की बल्लेबाजी रही पूरी तरह फ्लॉप
चेन्नई सुपर किंग्स के बल्लेबाज इस मुकाबले में पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए। टीम का टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और पूरी टीम सिर्फ 127 रन पर ढेर हो गई। सीएसके की ओर से जेमी ओवरटन ने सबसे ज्यादा 43 रन बनाए, जबकि कार्तिक शर्मा ने 18 रनों का योगदान दिया।
गेंदबाजों ने रखी जीत की मजबूत नींव
राजस्थान की जीत में गेंदबाजों की भी अहम भूमिका रही। जोफ्रा आर्चर ने 4 ओवर में 19 रन देकर 2 विकेट झटके। वहीं नांद्रे बर्गर ने भी 2 विकेट लेकर सीएसके के टॉप ऑर्डर को झकझोर दिया। रवींद्र जडेजा ने अपनी स्पिन से बल्लेबाजों को परेशान करते हुए 3 ओवर में 18 रन देकर 2 अहम विकेट निकाले।
आंकड़ों में भी राजस्थान का दबदबा
यह जीत इंडियन प्रीमियर लीग में सीएसके के खिलाफ राजस्थान की 16वीं जीत है। इस आंकड़े के साथ राजस्थान और पंजाब किंग्स संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। सीएसके को सबसे ज्यादा बार हराने का रिकॉर्ड मुंबई इंडियंस के नाम है, जिसने 21 मुकाबले जीते हैं। राजस्थान रॉयल्स ने इस मैच में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और रणनीति—तीनों मोर्चों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए आईपीएल 2026 में अपने इरादे साफ कर दिए हैं।
