रणनीति के तहत लिया गया फैसला
मैच के बाद ऋषभ पंत ने साफ किया कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि टीम की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था। उन्होंने बताया कि टीम चाहती थी कि निकोलस पूरन को मिडिल ओवर में उतारा जाए, ताकि वह आक्रामक भूमिका निभा सकें।
लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन का था प्लान
पंत ने कहा कि ओपनिंग में लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन बनाकर विपक्षी टीम को अपने लेफ्ट-आर्म स्पिनर, खासकर अक्षर पटेल, का असरदार इस्तेमाल करने से रोका जा सकता था। हालांकि, उनके जल्दी आउट हो जाने से यह रणनीति पूरी तरह सफल नहीं हो।
ओपनिंग जारी रख सकते हैं पंत
भविष्य में भी ओपनिंग करने के सवाल पर ऋषभ पंत ने संकेत दिए कि वह टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी जारी रख सकते हैं, अगर टीम की ज़रूरत रही।
पहले मैच में फ्लॉप रही रणनीति
हालांकि, इस मुकाबले में पंत का यह प्रयोग सफल नहीं रहा। वह 9 गेंद पर सिर्फ 7 रन बनाकर आउट हो गए। उनके जल्दी विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई।
आंकड़ों में पंत की ओपनिंग
करीब एक दशक लंबे टी20 करियर में ऋषभ पंत ने सिर्फ 23 बार पारी की शुरुआत की है, जबकि आईपीएल में वे सिर्फ 7 बार ओपनिंग की है। यह खुलता है कि यह भूमिका उनके लिए नई नहीं, लेकिन रेगुलर भी नहीं है।
मैच का हाल
लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम 18.4 ओवर में 141 रन पर सिमट गई। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने 17.1 ओवर में 145 रन बनाकर 6 विकेट से मुकाबला जीत लिया।
अगली चुनौती
अब लखनऊ सुपर जायंट्स का अगला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 5 अप्रैल को खेला जाएगा।
