टैटू स्टूडियो की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यह टैटू कोहली की बाईं बांह पर बनाया गया है। खास बात यह है कि इसमें पुराने टैटू को हटाया नहीं गया, बल्कि उसे और गहराई और अर्थ देकर नए डिजाइन में बदला गया है। इस प्रक्रिया के जरिए पुराने और नए अनुभवों को जोड़ते हुए एक ऐसी कहानी तैयार की गई है, जो वर्तमान समय के कोहली के व्यक्तित्व को दर्शाती है।
शिव से प्रेरणा, मंडला आर्ट और अधूरी कहानी का खास संदेश
कमल और पियोनी के जरिए दिखा संतुलन और विकास का प्रतीक इस टैटू की शुरुआत भगवान शिव से प्रेरित आर्मबैंड को नए रूप में ढालने से हुई। इसके बाद डिजाइन एक खूबसूरत मंडला पैटर्न में बदलता है, जिसे डॉटवर्क तकनीक से तैयार किया गया है। यह पैटर्न पूरी बांह पर एक फ्लो बनाता है और एक टैटू स्लीव का आधार तैयार करता है।
टैटू में कमल और पियोनी जैसे फूलों को भी शामिल किया गया है, जो मजबूती, विकास और आंतरिक संतुलन का प्रतीक माने जाते हैं। हालांकि, इन डिजाइनों के पीछे के व्यक्तिगत अर्थ को पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे इस टैटू में एक रहस्य भी बना हुआ है।
स्टूडियो के मुताबिक, इस टैटू को जानबूझकर अधूरा छोड़ा गया है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में कोहली के जीवन में जो भी नए अनुभव और उपलब्धियां जुड़ेंगी, उन्हें इस टैटू में शामिल किया जाएगा। यानी यह टैटू सिर्फ एक डिजाइन नहीं, बल्कि उनकी पूरी जीवन यात्रा का ‘जीवंत दस्तावेज’ है।
IPL 2026 में फिर कोहली पर होंगी निगाहें
RCB के खिताब बचाने की जिम्मेदारी, पिछले सीजन में रहा शानदार प्रदर्शन विराट कोहली 2008 से ही आरसीबी के साथ जुड़े हुए हैं और आईपीएल इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने अपना पहला खिताब जीता था, जिसमें कोहली की अहम भूमिका रही थी। उन्होंने 15 मैचों में 657 रन बनाकर टीम को चैंपियन बनाने में बड़ा योगदान दिया था। अब आईपीएल 2026 में आरसीबी अपने खिताब को बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी, और एक बार फिर सभी की नजरें कोहली के प्रदर्शन पर होंगी।
