लीग स्टेज में स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली आरसीबी ने शुरुआत से ही अपने इरादे साफ कर दिए थे। टीम ने 8 में से 6 मुकाबले जीतकर 12 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में पहला स्थान हासिल किया। टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार टेबल टॉपर टीम को सीधे फाइनल में खेलने का मौका मिलता है और इसी का फायदा आरसीबी को मिला। पूरे सीजन में टीम का संतुलन बल्लेबाजी की गहराई और गेंदबाजों का अनुशासित प्रदर्शन उसे बाकी टीमों से अलग बनाता नजर आया।
दूसरे स्थान पर गुजरात जायंट्स की टीम रही जिसने 8 में से 5 मैच जीतकर 10 अंक जुटाए। गुजरात का प्रदर्शन भी काफी मजबूत रहा लेकिन टॉप पोजिशन से चूकने के कारण अब उसे फाइनल में पहुंचने के लिए एलिमिनेटर मुकाबला खेलना होगा। वहीं तीसरे नंबर पर दिल्ली कैपिटल्स की टीम रही जिसने संघर्षपूर्ण सफर के बाद 4 जीत और 8 अंकों के साथ प्लेऑफ में जगह बनाई। दिल्ली की टीम भले ही उतनी लय में न दिखी हो लेकिन अहम मौकों पर जीत दर्ज कर उसने खुद को दौड़ में बनाए रखा।
अब टूर्नामेंट का सबसे अहम करो या मरो मुकाबला गुजरात जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। एलिमिनेटर मैच 3 फरवरी को वडोदरा में आयोजित होगा। खास बात यह है कि लीग स्टेज में गुजरात ने दिल्ली को दोनों मुकाबलों में हराया था जिससे गुजरात का मनोबल ऊंचा रहेगा जबकि दिल्ली बदला लेने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
इस सीजन की सबसे बड़ी निराशा मुंबई इंडियंस का बाहर होना रही। डिफेंडिंग चैंपियन होने के बावजूद मुंबई सिर्फ 3 मैच ही जीत पाई और 6 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रही। वहीं यूपी वॉरियर्स की टीम भी 2 जीत और 4 अंकों के साथ आखिरी पायदान पर रही और प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई।
अब सभी की नजरें एलिमिनेटर मुकाबले पर टिकी हैं क्योंकि उसकी विजेता टीम को 5 फरवरी को वडोदरा में होने वाले फाइनल में आरसीबी से भिड़ना होगा। सवाल यही है कि क्या आरसीबी इस बार अपने शानदार लीग प्रदर्शन को खिताब में बदल पाएगी या फिर एलिमिनेटर से निकलने वाली टीम फाइनल में उलटफेर करेगी।
