रिकॉर्ड तोड़ यात्रा, 1970 के मिशन को पीछे छोड़ा
इस मिशन के दौरान क्रू ने कुल 6,94,481 मील की दूरी तय की और पृथ्वी से लगभग 2,52,756 मील दूर तक पहुंचे। इसने ऐतिहासिक Apollo 13 मिशन का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। करीब 10 दिन की इस रोमांचक यात्रा के बाद सभी अंतरिक्ष यात्री प्रशांत महासागर में सुरक्षित उतरे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया।
‘कपोला’ मॉड्यूल बना मिशन का सबसे खास हिस्सा
इस मिशन की सबसे खास बात रही Cupola module यानी ‘कपोला’ मॉड्यूल। यह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का एक छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जिसे खासतौर पर अंतरिक्ष के बाहरी दृश्यों को देखने और मॉनिटर करने के लिए डिजाइन किया गया है।
कपोला में कुल सात खिड़कियां होती हैं—छह किनारों पर और एक नीचे की ओर। इन खिड़कियों से अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी, चंद्रमा और अन्य खगोलीय पिंडों के अद्भुत दृश्य देख सकते हैं। यही नहीं, इस मॉड्यूल में एक रोबोटिक कंट्रोल सिस्टम भी होता है, जिससे स्पेसक्राफ्ट को पकड़ने और जोड़ने जैसे जटिल कार्य किए जाते हैं।
कैमरे में कैद हुए अंतरिक्ष के दुर्लभ नज़ारे
मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने ‘कपोला’ से पृथ्वी और चंद्रमा के हजारों शानदार दृश्य कैद किए। इन तस्वीरों में अर्थराइज (पृथ्वी का उगना), अर्थसेट, चंद्रमा की सतह पर विशाल गड्ढे, प्राचीन लावा प्रवाह और मिल्की वे गैलेक्सी के दृश्य शामिल हैं। खास बात यह रही कि उन्होंने सूर्य ग्रहण का भी दुर्लभ नजारा देखा, जिसमें चंद्रमा ने सूर्य को पूरी तरह ढक लिया था।
कौन-कौन थे मिशन का हिस्सा
इस ऐतिहासिक मिशन में कमांडर Reid Wiseman, पायलट Victor Glover, Christina Koch और कनाडा के Jeremy Hansen शामिल थे। इन सभी ने मिलकर मिशन को सफल बनाया और अंतरिक्ष अनुसंधान में नया अध्याय जोड़ा।
भविष्य की चंद्र मिशनों के लिए बड़ी तैयारी
यह मिशन केवल एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं, बल्कि भविष्य में चंद्रमा पर मानव मिशनों की तैयारी का अहम हिस्सा है। इस दौरान जुटाए गए डेटा और अनुभव आने वाले अभियानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे। खासतौर पर इंसानों की चंद्रमा पर वापसी और वहां स्थायी उपस्थिति की दिशा में यह एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
