मार्च तिमाही में भी बिक्री बढ़ी
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी ने 7.45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जिसमें कुल 5,131 यूनिट्स की बिक्री हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 4,775 यूनिट्स बिके थे। कंपनी का कहना है कि इसका श्रेय बेहतर प्रोडक्ट पोर्टफोलियो, नेटवर्क अपग्रेड और शानदार ग्राहक अनुभव को जाता है।
टॉप-एंड लग्जरी सेगमेंट में जबरदस्त वृद्धि
उच्च श्रेणी के लग्जरी सेगमेंट में सबसे ज्यादा वृद्धि देखी गई। वित्त वर्ष 2025-26 में इस सेगमेंट की बिक्री 16 प्रतिशत बढ़ी, जबकि मार्च तिमाही में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसमें शामिल हैं:
एस-क्लास
मर्सिडीज-मेबैक रेंज
ईक्यूएस एसयूवी
एएमजी मॉडल्स
इस सेगमेंट का कुल बिक्री में योगदान 27 प्रतिशत रहा, और इन मॉडलों के लिए 4 महीने से 1 साल तक का वेटिंग पीरियड है, खासकर एएमजी जी 63 जैसे मॉडल के लिए।
कोर सेगमेंट और लॉन्ग-व्हीलबेस ई-क्लास
कंपनी के कोर सेगमेंट में शामिल मॉडल्स – सी-क्लास, ई-क्लास एलडब्ल्यूबी, जीएलसी और जीएलई एसयूवी -ने भी बिक्री में अहम योगदान दिया। लॉन्ग-व्हीलबेस ई-क्लास भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली लग्जरी कार बनी रही और इसकी मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
एंट्री लग्जरी में गिरावट
एंट्री लग्जरी सेगमेंट में 18 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जिसका कारण कम कीमत वाले विकल्प और बाजार में उपलब्ध ऑफर्स रहे। मर्सिडीज-बेंज इंडिया का ध्यान वॉल्यूम बढ़ाने के बजाय ब्रांड की लंबी अवधि रणनीति और फीचर-रिच प्रोडक्ट्स पर केंद्रित है।
इलेक्ट्रिक वाहन: तेजी से बढ़ती मांग
वित्त वर्ष 2025-26 में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों का टॉप-एंड लग्जरी सेगमेंट में 20 प्रतिशत योगदान रहा। 1.4 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 85 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जिसमें ईक्यूएस एसयूवी और ईक्यूएस मेबैक एसयूवी शामिल हैं। कंपनी 24 अप्रैल को सीएलए इलेक्ट्रिक वाहन लॉन्च करने जा रही है, जो नई सॉफ्टवेयर-डिफाइंड गाड़ियों की शुरुआत होगी।
नेटवर्क विस्तार और निवेश योजना
2026 में मर्सिडीज-बेंज इंडिया ‘गो टू कस्टमर’ रणनीति के तहत 20 से ज्यादा नए लग्जरी आउटलेट खोलने की योजना बना रही है। इसके तहत विशाखापत्तनम और वाराणसी जैसे नए बाजारों में प्रवेश किया जाएगा, जबकि बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, पुणे और गोवा जैसे मौजूदा बाजारों में उपस्थिति मजबूत होगी।
आगामी दो वर्षों में फ्रेंचाइजी पार्टनर्स द्वारा 450 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश किया जाएगा। इसका उद्देश्य बेहतर सुविधाओं और नई तकनीकों के जरिए ग्राहक अनुभव को और बेहतर बनाना है।
