तेज और सुरक्षित पहचान जांच
इस ऐप में क्यूआर कोड के जरिए ऑफलाइन आधार वेरिफिकेशन की सुविधा दी गई है। उदाहरण के तौर पर होटल में चेक-इन, अस्पताल में विजिटर एंट्री या अलग-अलग सेवा प्लेटफॉर्म पर पहचान जांच अब तेजी से हो सकेगी। ऐप में फेस वेरिफिकेशन और उम्र प्रमाणन (एज वेरिफिकेशन) जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।
उपयोगकर्ता के लिए विशेष फीचर्स
यूजर अपने आधार बायोमेट्रिक डेटा को एक क्लिक में लॉक या अनलॉक कर सकता है। ऐप में ‘वन फैमिली-वन ऐप’ फीचर के तहत एक ही मोबाइल में पांच आधार प्रोफाइल तक मैनेज करना संभव है। इसके अलावा, मोबाइल नंबर अपडेट जैसी सुविधाएं भी सीधे ऐप में उपलब्ध हैं, जिससे छोटे बदलावों के लिए बैंक या आधार केंद्र जाने की जरूरत कम होगी।
डेटा सुरक्षा और गोपनीयता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐप के जरिए साझा की गई जानकारी में आधार नंबर को स्टोर नहीं किया जाएगा। केवल डिजिटल रूप से साइन और वेरिफाइड डेटा ही साझा होगा। इससे गलत इस्तेमाल का खतरा कम होगा और यह डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) कानून के अनुरूप है।
लॉन्च और अधिकारियों की टिप्पणियां
इस ऐप को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने विकसित किया है और इसे वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लॉन्च किया। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि यह ऐप डेटा साझा करने में कम से कम जानकारी के सिद्धांत को बढ़ावा देगा और यूजर अपनी जानकारी सुरक्षित तरीके से साझा कर सकेंगे। UIDAI के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यह ऐप पूरी तरह डिजिटल सिस्टम की दिशा में एक बड़ा कदम है और कस्टमाइज्ड क्यूआर कोड के जरिए केवल आवश्यक जानकारी साझा की जा सकती है।
एप्लिकेशन की व्यापक उपयोगिता
अब एयरपोर्ट, होटल, अस्पताल, सिनेमा और गिग वर्कर्स जैसी सेवाओं में पहचान जांच आसान और तेज होगी। यूजर अपने आधार ऑथेंटिकेशन की पूरी हिस्ट्री देख सकते हैं और जरूरत के हिसाब से डेटा साझा कर सकते हैं। यह ऐप डिजिटल पहचान की दुनिया में एक नया और सुरक्षित मील का पत्थर साबित होगा।
