भारत में AI की संभावना
भारत को लेकर ऑल्टमैन ने काफी उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि भारत में बिल्डर एनर्जी जबरदस्त है और आईआईटी दिल्ली में सुबह का माहौल शानदार था। भारत चैटजीपीटी के टॉप यूजर्स में शामिल है, जहां लोग कोडिंग, डेटा एनालिसिस और लर्निंग के लिए इसका ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। ओपनएआई ने मुंबई और बेंगलुरु में नए ऑफिस खोलने की घोषणा की है और टीसीएस के साथ लोकल AI डेटा सेंटर बनाने के साथ ही मेकमाईट्रिप, जियोहॉटस्टार जैसी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप भी की। ऑल्टमैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मोटिवेशन की तारीफ की और कहा कि भारत को AI के हर लेयर में सक्रिय रूप से खेलना चाहिए।
बैलेंस ऑफ पावर और AI का लोकतंत्रीकरण
एजीआई और सुपरइंटेलिजेंस पर ऑल्टमैन ने कहा कि एजीआई अब काफी करीब लगता है, जबकि ASI कुछ साल दूर है। उन्होंने जोर दिया कि सुपरइंटेलिजेंस पर किसी एक देश या कंपनी का नियंत्रण नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे असंतुलन पैदा होगा। दुनिया में बैलेंस ऑफ पावर जरूरी है। उन्होंने AI के डेमोक्रेटाइजेशन की वकालत की और कहा कि गार्डरेल्स के साथ AI हर किसी के हाथ में पहुंचना चाहिए। सेफ्टी के लिए उन्होंने AI रेजिलिएंस को कोर स्ट्रैटेजी बताया और कहा कि कोई भी लैब अकेले अच्छा भविष्य नहीं बना सकती। सरकारों को कैटास्ट्रोफिक रिस्क्स पर फोकस करना चाहिए, जबकि बाकी मामलों में लचीला रवैया अपनाना चाहिए।
नौकरियों पर AI का असर
नौकरियों पर AI के प्रभाव के बारे में ऑल्टमैन ने इतिहास का हवाला दिया कि इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन में भी लोग डरते थे, लेकिन गलत साबित हुए। उन्होंने कहा कि AI से कुछ प्रोफेशंस तो जाएंगे, लेकिन लोग नई चीजें करेंगे और समाज एडजस्ट हो जाएगा। ऑल्टमैन ने एलन मस्क की तारीफ करते हुए प्रतिस्पर्धा को स्वीकार किया। ऊर्जा खपत पर उन्होंने कहा कि वाटर यूज के दावे फेक हैं, लेकिन सोलर और न्यूक्लियर एनर्जी की ओर तेजी से जाना होगा। उन्होंने AI को मानव एजेंसी बढ़ाने वाला बताया, साथ ही ग्लोबल कोऑपरेशन, डेमोक्रेसी और बैलेंस्ड डेवलपमेंट पर जोर दिया।क्या AI से नौकरियों पर आएगा संकट? ओपनएआई के CEO का बड़ा बयान, एलन मस्क पर भी बोले
नई दिल्ली । ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि AI अब हाई स्कूल स्तर की गणित से आगे बढ़कर मानव ज्ञान की सीमाओं को छू रहा है। जहां एक साल पहले AI सिर्फ हाई स्कूल मैथ कर पाता था, अब यह नई रिसर्च और फिजिक्स में भी प्रगति कर रहा है। ऑल्टमैन ने ओपनएआई को एक रिसर्च-फर्स्ट कंपनी बताया, जहां हर प्रोडक्ट का आधार रिसर्च ही है। यह बात उन्होंने शुक्रवार को नई दिल्ली में मीडिया कार्यक्रम में कही।
