नई दिल्ली । मणिपुर के उखरुल जिला में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। सोमवार दोपहर लिटान सारेइखोंग गांव में हथियारबंद बदमाशों द्वारा कई घरों में आग लगाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। अधिकारियों के मुताबिक,पहाड़ी इलाकों के आसपास सशस्त्र समूहों ने हवा में कई राउंड गोलियां भी चलाईं जिससे इलाके में दहशत फैल गई।स्थिति बिगड़ने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण जरूरी सामान लेकर पड़ोसी कांगपोकपी जिला के सुरक्षित इलाकों की ओर पलायन करने को मजबूर हो गए। तंगखुल समुदाय से जुड़े कई ग्रामीणों के भी अपने घर छोड़ने की सूचना है।
शनिवार रात से हुई थी हिंसा की शुरुआत
अधिकारियों के अनुसार,हिंसा की शुरुआत शनिवार रात को लिटान गांव में हुई,जब तंगखुल नागा समुदाय के एक सदस्य पर सात से आठ लोगों द्वारा कथित हमला किया गया। शुरुआत में पीड़ित पक्ष और लिटान सारेइखोंग के मुखिया के बीच मामला सुलझ गया था और पारंपरिक तरीकों से समाधान पर सहमति बनी थी। रविवार को इस संबंध में बैठक प्रस्तावित थी,लेकिन वह नहीं हो सकी।इसके बजाय,पास के सिकिबुंग गांव के कुछ ग्रामीणों ने कथित तौर पर लिटान सारेइखोंग के मुखिया के आवास पर हमला कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलावरों ने लिटान थाने के पास से गुजरते हुए फायरिंग भी की।
रविवार को लागू की गई निषेधाज्ञा
रविवार शाम को दो आदिवासी समूहों के बीच पथराव की घटना के बाद प्रशासन को निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी। इसके बाद मध्यरात्रि के आसपास तंगखुल नागा समुदाय के कई घरों में कथित तौर पर आग लगा दी गई जबकि पास के इलाके में कुकी समुदाय के कुछ मकानों को भी नुकसान पहुंचा।
हालात अभी भी तनावपूर्ण अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात
जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है और हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए महादेव लंबुई शांगकाई और लिटान की ओर जाने वाले मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। रविवार शाम को सुरक्षा बलों ने हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे।
सीएम खेमचंद सिंह ने की शांति की अपील
इस बीच वाई. खेमचंद सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए सभी समुदायों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने बताया कि वे आरआईएमएस अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात कर उनके इलाज के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
कर्फ्यू जैसी पाबंदियां लागू
उखरुल जिले के मजिस्ट्रेट द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि तंगखुल नगा और कुकी समुदायों के सदस्यों के बीच तनाव के कारण गांव में शांति और व्यवस्था भंग होने की आशंका है। जिला मजिस्ट्रेट आशीष दास ने अधिसूचना में कहा कि रविवार शाम सात बजे से अगले आदेश तक किसी भी व्यक्ति का अपने निवास स्थान से बाहर निकलना प्रतिबंधित है। इसमें कहा गया है कि यह आदेश सरकारी अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों पर लागू नहीं होगा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में हथियारबंद लोग मकानों और वाहनों को आग लगाते तथा अत्याधुनिक हथियारों से फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं,हालांकि इन फुटेज की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
