नीलेश यादव जिया ब्यूरो
नर्मदापुरम 16,जुलाई,2026 (हिन्द संतरी ) कलेक्टर सोमेश मिश्रा की अभिनव पहल’ के अंतर्गत विस्थापित ग्रामों के किसानों को बड़ी राहत मिल रही है। खाद के सामूहिक उठाव व्यवस्था के चलते किसानों द्वारा सामूहिक रूप से खाद का उठाव (उर्वरकों का सहभागितापूर्ण उठाव) किया जा रहा है, जिससे उनकी परिवहन लागत और अमूल्य समय की बचत हो रही है। इस सफल अभियान के अंतर्गत प्रशासन किसानों के द्वार तक सेवा पहुँचाने का प्रयास कर रहा है।
किसानों का सामूहिक प्रयास: समय और व्यय में कटौती
विस्थापित ग्रामों के किसान प्रशासन की इस सुविधा का भरपूर लाभ उठा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को विस्थापित ग्राम नया माना के जागरूक कृषकों – उमलेश, रामभरोस, जोहरी, अंतराम, हरिप्रसाद, रमेश और श्री राम द्वारा सामूहिक रूप से लगभग 90 बोरी खाद का उठाव किया गया।
एग्रीस्टेक पोर्टल से जुड़े विस्थापितों के पट्टे
विस्थापित ग्रामों के किसानों के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग द्वारा तकनीकी सुगमता भी सुनिश्चित की गई है। कृषि विभाग के मैदानी अमले के द्वारा विस्थापित ग्रामों के किसानों के भूमि पट्टों को सफलतापूर्वक एग्रीस्टेक पोर्टल से जोड़ने का कार्य किया गया। इस सुविधा के मिलने से विस्थापित ग्रामों के कृषकों को खाद प्राप्त करने में लगने वाला अतिरिक्त समय और परेशानी समाप्त हो गई है।
डबल लॉक गोदाम से प्रतिदिन सामूहिक उठाव
माखन नगर के डबल लॉक गोदाम संचालक श्री विजय चौहान ने बताया कि विस्थापित ग्रामों के कृषक अब नियमित रूप से सामूहिक रूप से खाद का उठाव कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक ही वाहन में सामूहिक रूप से खाद ले जाने से किसानों के किराए की बड़ी रकम बच रही है और गोदाम पर लगने वाला समय भी काफी कम हो गया है। इसी क्रम को जारी रखते हुए ग्राम सोनतलाई के किसानों – हेमंत मालवी, योगेश मालवी, सुरेंद्र मालवी और जगदीश मात्स्कुले द्वारा भी सामूहिक रूप से लगभग 110 बोरी खाद का उठाव किया गया।
प्रशासन की पहल से किसानों तक पहुंच रही सुगमतापूर्वक खाद
जिला प्रशासन की “उर्वरकों की सहभागितापूर्ण उठाव” पहल ने किसानों के लिए खाद प्राप्ति की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और कम खर्चीला बना दिया है। विस्थापित ग्रामों के किसानों के लिए कृषि विभाग की मैदानी सक्रियता और सामूहिक उठाव की यह व्यवस्था अन्य कृषकों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण पेश कर रही है। जिला प्रशासन नर्मदापुरम किसानों के कल्याण और उन्हें घर बैठे सेवाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
