प्रशासन के अनुसार ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे के बड़े ढेर में आग लगने से लगातार धुआं निकल रहा था जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आग पर काबू पाने और धुएं को समाप्त करने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास शुरू किए।
कलेक्टर भव्या मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रेंचिंग ग्राउंड में लगी आग को नियंत्रित कर लिया गया है। हालांकि सोमवार तक कचरे के ढेर से धुआं निकलता रहा जिसके कारण स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए गए।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को धुएं को पूरी तरह खत्म करने के लिए आठ फायर टेंडर तैनात किए गए थे। इसके अलावा करीब एक दर्जन पोकलेन और जेसीबी मशीनों की मदद से कचरे को पलट पलटकर भीतर सुलग रही आग और धुएं को समाप्त करने का काम किया गया। आग और धुएं को नियंत्रित करने के लिए कचरे के ढेर पर फोम का भी छिड़काव किया गया। प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई के बाद बीती रात तक धुएं पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।
इसी दौरान धुएं के कारण सांस लेने में तकलीफ होने पर एक दो वर्षीय बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्चे की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर कर दिया था। दुर्भाग्यवश इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता और दुख का माहौल है।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और ट्रेंचिंग ग्राउंड से निकलने वाले धुएं को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए कचरा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। घटना के बाद प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र के लोगों से भी सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत अस्पताल से संपर्क करने की अपील की है।
