नीलेश यादव जिला ब्यूरो
नर्मदापुरम 12 जून,2026(हिन्द संतरी ) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप और उनके निर्देशों के परिपालन में, नर्मदापुरम जिले के नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर सोमेश मिश्रा के नेतृत्व में जिले में ‘सुजल अभियान’ नवाचार का शुभारंभ किया इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में सभी स्थानों पर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बतलाते हुये स्वीकार किया कि आगामी वर्षा काल के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना और जल जनित बीमारियों पर प्रभावी रोक लगाना है। शुभारंभ अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष भूपेंद्र चौकसे, जिला पंचायत सीईओ श्री हिमांशु जैन, पीएचई के कार्यपालन यंत्री (ईई) श्री मुजीब उल हसन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस दौरान अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने बताया कि “वर्षा ऋतु की पहली बारिश के दौरान अक्सर गंदा पानी हैंडपंपों और अन्य पारंपरिक पेयजल स्रोतों में समा जाता है। ‘सुजल अभियान’ के तहत इन सभी स्रोतों को साफ और स्वच्छ किया जाएगा। जिले में पानी की शुद्धता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सभी पेयजल स्रोतों का नियमित क्लोरिनेशन किया जाएगा, ताकि हर परिवार तक सुरक्षित पानी पहुंच सके और नागरिकों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।” कलेक्टर ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि वर्षा काल में कठिन और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों एवं बसाहटों का अग्रिम चिन्हांकन कर वहां की वर्तमान स्थिति के अनुसार स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

बताया गया कि चार विभागों के समन्वय से जमीनी स्तर पर कार्य किए जायेंगे। सुजल अभियान नवाचार के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग , जनपद पंचायत, स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग आपसी समन्वय के साथ संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। अभियान अवधि के दौरान पीएचई विभाग के हैंडपंप तकनीशियनों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के हैंडपंपों और अन्य जल स्रोतों का सघन निरीक्षण व आवश्यक मरम्मत की जाएगी। इसके अतिरिक्त आवश्यकताानुसार हैंडपंपों का क्लोरिनेशन किया जाएगा। कार्य पूर्ण होने के बाद संबंधित हैंडपंप पर क्लोरिनेशन की दिनांक अनिवार्य रूप से अंकित की जाएगी। साथ ही जल स्रोतों के आसपास सफाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विगत वर्षों में बाढ़ से प्रभावित रहे क्षेत्रों तथा ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों का विशेष चिन्हांकन किया जाए, जहाँ जल जनित बीमारियों के फैलने की आशंका अधिक होती है। ऐसे क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जाएगी। अभियान के शुभारंभ पर उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय जल समितियों को एफटीके उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे स्वयं पानी की गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रेरित हो सकें। इसके साथ ही, निजी व सार्वजनिक कुओं और झिरियों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा पंचायतों के माध्यम से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पवारखेड़ा पहुंच कर कलेक्टर एवं सीईओ ने की अभियान की आधिकारिक शुरुआत
इस अवसर पर अभियान के शुभारंभ हेतु जनपद पंचायत नर्मदापुरम अध्यक्ष भूपेन्द्र चौकसे, कलेक्टर श्री मिश्रा एवं जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने पवारखेड़ा पहुंच कर गांव में स्थित हैंडपंप का क्लोरिफिकेशन कर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान सरपंच, ईई पीएचई एवं अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
