
नर्मदापुरम 11,मार्च,2026 (हिन्द संतरी) सेठानी घाट पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नर्मदापुरम द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल का अवलोकन कर आपदा प्रबंधन एवं बचाव की तैयारियों को कलेक्टर सोनिया मीना ने अपनी आँखों से देखा परखा और संतुष्ट होने से बाद नागरिकों को आपदा से बचाव के उपायों की जानकारी दी । इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री साई कृष्ण एस थोटा, डिप्टी कलेक्टर डॉ. बबीता राठौर, तहसीलदार श्रीमती सरिता मालवीय सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
मॉक ड्रिल के दौरान कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना ने कहा कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा सोमवार से आपदा प्रबंधन कार्यशालाओं का शुभारंभ किया गया है, जो एक सप्ताह तक निरंतर आयोजित की जाएंगी। इन कार्यशालाओं में होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ के जवानों को आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, स्कूली बच्चों, सिविल डिफेंस वॉलंटियर एवं आपदा मित्रों को भी आपदा प्रबंधन से संबंधित आवश्यक जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके साथभी उन्होंने कहा कि इन कार्यशालाओं का उद्देश्य किसी भी प्रकार की आपदा के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करना, नागरिकों को जागरूक करना तथा शासकीय अमले को आपदा की स्थिति में प्रभावी प्रबंधन के लिए तैयार रखना है, ताकि संकट के समय उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर जन-धन की हानि को कम किया जा सके।

सेठानी घाट पर आयोजित इस मॉक ड्रिल के माध्यम से विभिन्न आपदाओं सहित बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचाव तथा विभिन्न परिस्थितियों में नागरिकों के डूबने की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों और बचाव उपायों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान उपस्थित नागरिकों को आपदा के समय सतर्कता बरतने और सुरक्षित रहने के बारे में जागरूक किया गया। उल्लेखनीय है कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित आपदा प्रबंधन कार्यशालाओं का शुभारंभ सोमवार से किया गया है। यह कार्यशालाएं एवं प्रशिक्षण एक सप्ताह तक निरंतर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ के अमले को आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
मॉक ड्रिल के दौरान उपस्थित स्नानार्थियों को डूबने से बचने के लिए घरेलू वस्तुओं से बचाव सामग्री तैयार करने की विधि बताई गई तथा आकाशीय बिजली, भूकंप, हीट स्ट्रोक एवं सीपीआर से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई तथा बचाव के दौरान अपनाई जाने वाले उपायों का प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर संकट मोचन बल सेफ्टी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, मुंबई (महाराष्ट्र) के मुख्य प्रशिक्षक श्री इच्छाशु वाजपेयी एवं उनकी टीम द्वारा अन्य प्राकृतिक एवं मानव निर्मित आपदाओं से बचाव तथा पूर्व तैयारी से संबंधित विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही डूबते हुए व्यक्ति अथवा नाव के पलटने की स्थिति में बचाव कार्यों का नाटकीय रूपांतरण कर आपदा के समय किए जाने वाले उपायों का प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि सा दिवस तक चलने वाली आपदा प्रबंधन की इस कार्यशालाओं के दौरान होमगार्ड के सैनिक संबंधित शासकीय अधिकारियों कर्मचारियों सहित जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, स्कूली बच्चों को भी आपदा प्रबंधन से जुड़ी जानकारियां और आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। सिविल डिफेंस वॉलंटियर और आपदा मित्रों को भी प्रशिक्षित किया जायेगा। इन कार्यशालाओं के आयोजन का उद्देश्य है कि किसी भी प्रकार की आपदा के लिए तैयार रहना, लोगो को इसके लिए अधिक से अधिक जागरूक करना साथ ही शासकीय अमले को इस प्रकार की दुर्घटनाओं एवं आपदा के लिए तैयार रखने हेतु भी यह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन अति महत्वपूर्ण है। सामाजिक दृष्टि यह महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे हम आपदा के समय सभी संसाधनों का बेहतर उपयोग कर उचित तरीके से प्रबंधन कर सकते है।
इसी कड़ी में गत दिवस भी विवेकानंद घाट पर आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा “आपदा बचाव एवं जन सुरक्षा अभियान” के अंतर्गत प्लाटून कमांडर श्रीमती अमृता दीक्षित के नेतृत्व में एसडीईआरएफ, सिविल डिफेंस वालंटियर तथा होमगार्ड के अधिकारी एवं जवानों द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान नर्मदा नदी में प्लास्टिक अथवा कचरा न फेंकने की अपील करते हुए स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। कार्यक्रम में शिवराज चौधरी (प्लाटून), एएसआई सुन्दरलाल मरावी, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार बंधु, एनसीसी, एनएसएस के छात्र, जनसमूह, सिविल डिफेंस वालंटियर, आपदा मित्र, होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ के सदस्य उपस्थित रहे।
