वित्त वर्ष 27 में मुनाफे की उम्मीद नहीं, आय पर संकट
विश्लेषकों ने साफ कहा है कि लगातार बदलती कच्चे तेल की कीमतें एयरलाइन सेक्टर के लिए सबसे बड़ा जोखिम बनी हुई हैं। इसी वजह से IndiGo के लिए वित्त वर्ष 2027 में मुनाफा होने की संभावना बेहद कम है। कंपनी के शेयर में उतार चढ़ाव जारी रहने की भी चेतावनी दी गई है। जून तिमाही के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ान क्षमता के अनुमान, खासकर मिडिल ईस्ट रूट्स पर, घटा दिए गए हैं। खाड़ी देशों में बार बार हवाई क्षेत्र बंद होने से उड़ानों पर असर पड़ा है, जिससे यात्रियों की संख्या और राजस्व दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
जेट ईंधन महंगा, लागत बढ़ने से दबाव
एयरलाइन उद्योग में जेट ईंधन सबसे बड़ा खर्च होता है और मौजूदा हालात में इसकी कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। ईरान से जुड़े संघर्ष के बाद आपूर्ति संबंधी जोखिम और निर्यात प्रतिबंधों के कारण प्रोसेस्ड ईंधन की कीमतें कच्चे तेल से भी ज्यादा तेजी से बढ़ी हैं। इसका सीधा असर इंडिगो की लागत पर पड़ रहा है। यही वजह है कि गोल्डमैन सैक्स ने कंपनी के परिचालन आय यानी ईबीआईटीडीआर के अनुमानों में भी भारी कटौती की है। वित्त वर्ष 2026 के लिए यह अनुमान घटाकर 13,700 करोड़ रुपए और 2027 के लिए 15,900 करोड़ रुपए कर दिया गया है, जो पहले क्रमशः 18,300 करोड़ और 25,800 करोड़ रुपए था। प्रति शेयर आय के अनुमान में भी तेज गिरावट दर्ज की गई है।
शेयर में गिरावट, निवेशकों की नजर भविष्य पर
बाजार में भी इस रिपोर्ट का असर साफ दिखाई दिया। इंडिगो का शेयर दोपहर कारोबार में करीब 5.75 प्रतिशत गिरकर 3,910 रुपए पर आ गया। बीते एक महीने में यह शेयर लगभग 20 प्रतिशत तक टूट चुका है। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि लंबी अवधि में कंपनी की मजबूती उसके लागत नियंत्रण और बैलेंस शीट प्रबंधन पर निर्भर करेगी। निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे बड़ा फोकस आय में स्थिरता और वैश्विक हालात में सुधार पर रहेगा।
