सेलिना ने अपनी जिंदगी के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए बताया कि बीते कुछ वर्षों में उन्होंने लगातार कई निजी दुख झेले हैं। उन्होंने अपने बेटे शमशेर को जन्म के कुछ समय बाद ही खो दिया था। बच्चे को एक दुर्लभ हृदय संबंधी बीमारी थी, जिसके इलाज के लिए उन्होंने कई विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह ली, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद वह अपने बेटे को बचा नहीं सकीं। इस घटना ने उन्हें मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया था।
बेटे की मौत के कुछ समय पहले ही उन्होंने अपने पिता को भी खो दिया था। लगातार हुए इन पारिवारिक हादसों ने उनके जीवन को गहरे दुख में डाल दिया। इसके बाद उनकी मां का निधन भी हो गया, जिससे सेलिना पूरी तरह अकेली और भावनात्मक रूप से कमजोर महसूस करने लगीं।
इसी बीच उनके वैवाहिक रिश्ते में भी तनाव बढ़ता गया। सेलिना ने आरोप लगाया कि शादी के दौरान उन्हें मानसिक और भावनात्मक दबाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कई मौकों पर उन्हें अपमानित किया गया और रिश्ते में लगातार तनाव बना रहा। उनके अनुसार, हालात इतने खराब हो गए थे कि उन्हें अपना घर छोड़कर भारत लौटना पड़ा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि परिस्थितियां ऐसी बन गई थीं, जहां उन्हें अपने बच्चों से दूर रहना पड़ा। अब वह अपने बच्चों की कस्टडी और उनसे मिलने के अधिकार के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रही हैं। सेलिना का कहना है कि एक मां के लिए अपने बच्चों से दूर रहना सबसे बड़ा दर्द होता है और यही संघर्ष इस समय उनकी जिंदगी का सबसे कठिन हिस्सा है।
हाल ही में साझा किए गए एक भावुक वीडियो में सेलिना अपने दिवंगत बेटे शमशेर की कब्र के पास नजर आईं। वीडियो में वह बेटे की कब्र को साफ करते हुए भावुक दिखाई दीं। इस दृश्य ने उनके प्रशंसकों को भी भावुक कर दिया। कई लोगों ने उनके साहस और संघर्ष की सराहना की है।
सेलिना ने यह भी कहा कि वह अब अपने अधिकारों और बच्चों के भविष्य के लिए मजबूती से खड़ी हैं। उनका मानना है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने अपने जीवन में आए इस कठिन दौर को बेहद दर्दनाक बताया, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि वह अपने बच्चों के लिए हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
फिलहाल यह मामला कानूनी प्रक्रिया में है और इसकी जांच जारी है। वहीं, सेलिना जेटली की यह कहानी केवल एक अभिनेत्री के संघर्ष की नहीं, बल्कि एक मां के दर्द, टूटते रिश्तों और अपने बच्चों के लिए लड़ने के साहस की कहानी बन गई है।
