शिमला ट्रिप की शुरुआत रिज मैदान से करना सबसे बेहतर माना जाता है। यह स्थान शहर का केंद्र है और यहां से चारों ओर फैले पहाड़ों का अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। पर्यटक यहां फोटोग्राफी, वॉक और लोकल कल्चर को महसूस करने के लिए आते हैं। रिज के पास ही स्थित मॉल रोड शिमला की सबसे जीवंत जगह है, जहां कैफे, रेस्तरां और शॉपिंग स्ट्रीट पर्यटकों को आकर्षित करती है।
इसके बाद यात्रा का अगला पड़ाव क्राइस्ट चर्च होता है, जो ब्रिटिश काल की ऐतिहासिक धरोहर है। इसकी गोथिक शैली की वास्तुकला और शांत वातावरण पर्यटकों को एक अलग ही अनुभव प्रदान करता है।
दोपहर में आप जाखू मंदिर जा सकते हैं, जो भगवान हनुमान को समर्पित है। यह शिमला की सबसे ऊंची पहाड़ी पर स्थित है और यहां से पूरे शहर का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। 108 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा इस स्थान को और भी खास बनाती है।
शाम होते ही कुफरी का रुख करना सबसे अच्छा रहता है। शिमला से करीब 15–20 किलोमीटर दूर यह जगह एडवेंचर और नेचुरल ब्यूटी के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्नो एक्टिविटी, हॉर्स राइडिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद लिया जा सकता है। सर्दियों में यह क्षेत्र बर्फ से ढक जाता है, जो पर्यटकों को बेहद आकर्षित करता है।
दूसरा दिन: शांति, प्रकृति और संस्कृति का संगम
दूसरे दिन की शुरुआत दोर्जे ड्रेक मठ से करें। यह बौद्ध मठ शिमला की तिब्बती संस्कृति और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक है। यहां का शांत वातावरण मन को सुकून देता है और यात्रा को आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ता है।
इसके बाद मशोबरा की ओर बढ़ें, जिसे ‘शांत शिमला’ कहा जाता है। यह जगह घने जंगलों, सेब के बागानों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जानी जाती है। यहां शहर की भीड़ से दूर एक अलग ही सुकून मिलता है।
अगर समय मिले तो चैल जरूर जाएं, जो शिमला से लगभग 44 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां का ऐतिहासिक चैल पैलेस और दुनिया का सबसे ऊंचा क्रिकेट ग्राउंड इस जगह को खास बनाते हैं। यह स्थान इतिहास और प्रकृति का सुंदर मेल है।
