अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार प्रतिबंधित कंपनियों में चीन की हैंगझोउ स्थित “मीएन्ट्रॉपी टेक्नोलॉजी (जिसे मिजारविजन भी कहा जाता है)”, बीजिंग की “द अर्थ आई” और “चांग गुआंग सैटेलाइट टेक्नोलॉजी कंपनी” शामिल हैं। अमेरिका का दावा है कि इन कंपनियों ने या तो ओपन-सोर्स सैटेलाइट तस्वीरें जारी कीं या सीधे ईरान को संवेदनशील सैन्य लोकेशन की इमेजरी उपलब्ध कराई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन सैटेलाइट तस्वीरों का इस्तेमाल कथित तौर पर मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना और उसके सहयोगी ठिकानों की गतिविधियों पर नजर रखने और संभावित हमलों की योजना बनाने में किया गया। हालांकि चीन और संबंधित कंपनियों की ओर से इन आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
अमेरिका ने यह भी दावा किया है कि इनमें से एक कंपनी पर पहले भी प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं, क्योंकि उस पर यमन में हूती विद्रोहियों को अमेरिकी सैन्य ठिकानों की जानकारी देने का आरोप था।
इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान, चीन, बेलारूस और यूएई से जुड़े 10 व्यक्तियों और संस्थाओं पर भी कार्रवाई की है, जिन पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के लिए तकनीक और कच्चा माल उपलब्ध कराने का आरोप है।
वॉशिंगटन ने साफ किया है कि वह ईरान के सैन्य और परमाणु नेटवर्क को फिर से मजबूत होने से रोकने के लिए ऐसे प्रतिबंधों को आगे भी जारी रखेगा और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करने वाली किसी भी संस्था पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
