जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले तकनीकी साक्ष्यों और शराब की बोतलों के आधार पर शक की सुई मृतक के ही दोस्त दिनेश उर्फ दितिया मोरी की ओर घूमाई। इसी आधार पर पुलिस ने अपनी जांच तेज करते हुए कई टीमों का गठन किया और आरोपी की तलाश शुरू की।
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 23 मई को पुलिस ने आरोपी दिनेश मोरी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने हत्या की पूरी वारदात कबूल कर ली, जिससे पुलिस भी हैरान रह गई। आरोपी और मृतक दोनों आपस में मित्र थे और साथ में हम्माली का काम करते थे।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे किसी ने बताया था कि उसकी गैरमौजूदगी में मृतक उसके घर आता-जाता है। इसी बात को लेकर उसके मन में गहरी नाराजगी और शक पैदा हो गया। यही रंजिश धीरे-धीरे हत्या की वजह बन गई।
घटना वाले दिन यानी 17 मई को आरोपी ने शांतु पारगी को शराब पीने के बहाने एक सुनसान जगह पर बुलाया। दोनों ने वहां बैठकर शराब का सेवन किया। इसी दौरान शराब लाने को लेकर कहासुनी हो गई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई।
इसी बहस का फायदा उठाकर आरोपी ने पहले से छिपाकर रखी हुई टामी (नुकीला हथियार) निकाली और शांतु पारगी पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, वहीं लोगों में दोस्ती के रिश्ते में हुई इस निर्मम हत्या को लेकर गहरा आक्रोश और हैरानी का माहौल है।
