नई निर्माण इकाई आधुनिक तकनीक से लैस है और पूरी तरह स्वचालित उत्पादन प्रणाली पर आधारित है। इस संयंत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां हर चार सेकेंड में एक सोलर मॉड्यूल तैयार किया जा सकेगा। उत्पादन प्रक्रिया में ऑटोमेटेड मैटेरियल मूवमेंट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित गुणवत्ता परीक्षण प्रणाली और अत्याधुनिक निर्माण तकनीकों का उपयोग किया गया है, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादन दक्षता दोनों में सुधार होगा।
कंपनी ने इस विस्तार के साथ 6 गीगावॉट-घंटे क्षमता वाले बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और 18 हजार मीट्रिक टन क्षमता के एल्युमीनियम फ्रेम निर्माण संयंत्र की आधारशिला भी रखी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य सौर ऊर्जा से जुड़ी पूरी वैल्यू चेन में कंपनी की मौजूदगी को मजबूत करना है। इससे ऊर्जा भंडारण और सौर उपकरण निर्माण के क्षेत्र में भी कंपनी की क्षमता बढ़ेगी।
करीब 75 एकड़ में फैला सीतारामपुर मैन्युफैक्चरिंग कैंपस कंपनी का प्रमुख उत्पादन केंद्र बनकर उभर रहा है। परियोजना पूरी तरह संचालित होने के बाद यहां तीन हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
कंपनी ने हाल ही में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान 3,011 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिलने की जानकारी भी दी है। इन ऑर्डरों के तहत 1,846 मेगावॉट सोलर सेल और मॉड्यूल की आपूर्ति की जाएगी, जिसकी डिलीवरी वित्त वर्ष 2028 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। मजबूत ऑर्डर बुक कंपनी के भविष्य के कारोबार और उत्पादन विस्तार को भी समर्थन प्रदान करेगी।
Premier Energies ने यह भी संकेत दिया है कि सितंबर 2026 तक उसकी सोलर सेल निर्माण क्षमता 3.6 गीगावॉट से बढ़कर 10.6 गीगावॉट तक पहुंच सकती है। इससे कंपनी सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति और मजबूत करेगी। भारत में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की सरकारी नीतियों के बीच इस तरह का निवेश उद्योग के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
कंपनी के विस्तार और मजबूत कारोबारी संभावनाओं का असर शेयर बाजार में भी दिखाई दिया। कारोबार के दौरान निवेशकों की खरीदारी बढ़ने से कंपनी का शेयर मजबूती के साथ बंद हुआ। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पादन क्षमता में वृद्धि, आधुनिक तकनीक का उपयोग और लगातार मिल रहे नए ऑर्डर आने वाले समय में कंपनी की विकास संभावनाओं को और मजबूत कर सकते हैं। Premier Energies का यह विस्तार भारत के स्वच्छ ऊर्जा मिशन और घरेलू विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
