जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम लक्ष्मीगंज स्थित मेहराब साहब की तलैया पर सुबह 7:30 बजे से शुरू होगा, जहां जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी रहेगी। कार्यक्रम में जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन का संदेश दिया जाएगा।
शाम के समय बैजाताल में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दीपदान, जलाभिषेक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इस अवसर पर जल स्रोतों के महत्व और उनके संरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इस अभियान की खास बात यह है कि प्रशासन ने ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए एक प्रतीकात्मक पहल की है, जिसके तहत कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम स्थल तक बस से पहुंचेंगे।
Gwalior जिले के सभी 66 वार्डों, चारों विकासखंडों और नगर निकायों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डबरा में नोन-सिंध नदी, मुरार में झिलमिल नदी, भितरवार में पार्वती नदी और घाटीगांव के 36 अमृत सरोवरों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा।
इस महाअभियान के तहत कुएं, बावड़ियां, नहरें और नदी घाटों की सफाई में स्थानीय नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी के रूप में अपनाएं।
इस पहल का उद्देश्य केवल सफाई या आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोतों को सुरक्षित और संरक्षित रखना है। प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी के बिना जल संरक्षण का लक्ष्य पूरा नहीं किया जा सकता।
