कारोबार शुरू होते ही बाजार में चौतरफा तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों मजबूत स्थिति में नजर आए और शुरुआती सत्र में बाजार ने हरे निशान के साथ उत्साहजनक शुरुआत दर्ज की। बाजार में निवेशकों का रुझान कई प्रमुख सेक्टरों की ओर देखने को मिला, जिससे व्यापक स्तर पर खरीदारी बढ़ी और बाजार का माहौल सकारात्मक बना रहा।
शुरुआती कारोबार में ऑटो सेक्टर ने सबसे अधिक मजबूती दिखाई। इसके अलावा बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, रियल एस्टेट, तेल एवं गैस, आधारभूत ढांचा और सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़े कई क्षेत्रों में भी तेजी का रुख देखा गया। बाजार में बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप वर्ग के शेयरों में भी उत्साह नजर आया, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा व्यापक स्तर पर मजबूत हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियों में नरमी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर वैश्विक निवेशकों में चिंता बढ़ी हुई थी। लेकिन अब दोनों देशों के बीच बातचीत और समझौते की संभावनाओं ने बाजार की भावनाओं को सकारात्मक दिशा दी है।
इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी दर्ज की गई, जिसे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है। भारत जैसे आयात आधारित देश के लिए तेल कीमतों में कमी से महंगाई पर दबाव कम हो सकता है और इसका असर बाजार भावना पर भी सकारात्मक रूप से पड़ता है। यही वजह है कि कच्चे तेल में नरमी को निवेशकों ने अच्छे संकेत के रूप में लिया।
वैश्विक बाजारों का रुख भी घरेलू बाजार को समर्थन देता दिखाई दिया। एशियाई बाजारों में अधिकतर प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी सत्र के दौरान सकारात्मक माहौल देखने को मिला था, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।
फिलहाल निवेशकों की नजरें वैश्विक घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं पर बनी हुई हैं। यदि आने वाले दिनों में वैश्विक स्तर पर स्थिरता बनी रहती है और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी जारी रहती है, तो बाजार में यह सकारात्मक रुझान आगे भी जारी रह सकता है। शुरुआती संकेतों ने फिलहाल निवेशकों के बीच उत्साह और उम्मीद का माहौल जरूर बना दिया है।
