लखनऊ सुपर जायंट्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि ऋषभ पंत ने फ्रेंचाइजी से कप्तानी की जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया था, जिसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है। इस घोषणा के बाद आईपीएल जगत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है, क्योंकि पंत को टीम ने रिकॉर्ड रकम देकर अपने साथ जोड़ा था।
एलएसजी के क्रिकेट निदेशक टॉम मूडी ने कहा कि ऋषभ पंत का यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन फ्रेंचाइजी ने उनके निर्णय का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि पंत ने कप्तान के तौर पर ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक माहौल और नेतृत्व क्षमता दिखाई, जिसके लिए टीम हमेशा आभारी रहेगी। मूडी ने यह भी संकेत दिए कि अब फ्रेंचाइजी टीम के पुनर्गठन और नए सिरे से मजबूत संयोजन तैयार करने पर ध्यान देगी।
आईपीएल 2026 से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स ने ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत में रिटेन किया था। इससे पहले आईपीएल नीलामी में भी उन्हें इतनी बड़ी रकम में खरीदा गया था, जिसने उन्हें लीग के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। हालांकि इतनी बड़ी उम्मीदों के बावजूद टीम मैदान पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी।
पिछले सीजन में पंत की कप्तानी में एलएसजी ने 14 में से केवल 6 मुकाबले जीते थे और टीम 12 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रही थी। उस सीजन पंत ने बल्ले से 269 रन बनाए थे, जिसमें एक नाबाद शतक भी शामिल था। बावजूद इसके टीम प्लेऑफ में जगह नहीं बना पाई थी।
हालांकि IPL 2026 टीम के लिए और भी ज्यादा खराब साबित हुआ। लखनऊ सुपर जायंट्स 14 में से 10 मुकाबले हार गई और अंक तालिका में सबसे नीचे रही। टीम का बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में संतुलन नजर नहीं आया। ऋषभ पंत ने इस सीजन 28.36 की औसत से 312 रन बनाए और विकेटकीपर के तौर पर 10 कैच भी पकड़े, लेकिन उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन टीम को जीत दिलाने में नाकाफी साबित हुआ।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगले सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स की कमान किस खिलाड़ी को सौंपी जाएगी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रेंचाइजी अब नए कप्तान और मजबूत रणनीति के साथ वापसी की तैयारी करेगी। वहीं ऋषभ पंत के इस फैसले को उनके करियर और टीम दोनों के लिए नए बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।
