जून के दौरान यात्री वाहनों की थोक बिक्री 24.1 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 3,88,144 यूनिट्स तक पहुंच गई। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 3,12,851 यूनिट्स था। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि देश में निजी वाहनों की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। बेहतर आर्थिक गतिविधियों, उपभोक्ताओं के बढ़ते विश्वास और नए मॉडलों की उपलब्धता ने इस प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
यात्री वाहन श्रेणी में सबसे बड़ा योगदान यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट का रहा। इस वर्ग की बिक्री में 19.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और कुल 2,17,228 यूनिट्स डीलरों तक भेजी गईं। वहीं, यात्री कारों की बिक्री भी 15.7 प्रतिशत बढ़कर 98,610 यूनिट्स पर पहुंच गई। वैन श्रेणी ने भी सकारात्मक प्रदर्शन करते हुए 9.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और इसकी बिक्री 10,230 यूनिट्स रही। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि विभिन्न श्रेणियों में उपभोक्ताओं की मांग संतुलित रूप से बढ़ रही है।
दोपहिया वाहन बाजार ने भी जून में शानदार प्रदर्शन किया। इस श्रेणी में कुल 18,51,400 यूनिट्स की थोक बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 18.6 प्रतिशत अधिक है। विशेष रूप से स्कूटर सेगमेंट सबसे तेजी से बढ़ने वाला वर्ग रहा, जहां बिक्री में 39.1 प्रतिशत का उछाल दर्ज हुआ और कुल 7,44,823 यूनिट्स डीलरों तक पहुंचीं। दूसरी ओर मोटरसाइकिलों की बिक्री 6.4 प्रतिशत बढ़कर 10,56,422 यूनिट्स रही, जबकि मोपेड श्रेणी में कम आधार के कारण 50.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई और बिक्री 50,155 यूनिट्स तक पहुंच गई।
तिपहिया वाहनों की बिक्री में भी मजबूत विस्तार देखने को मिला। जून के दौरान इस श्रेणी की थोक बिक्री 26.1 प्रतिशत बढ़कर 77,951 यूनिट्स रही। पैसेंजर कैरियर वाहनों की बिक्री में 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि गुड्स कैरियर वाहनों की बिक्री 29.4 प्रतिशत बढ़ी। इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की मांग भी लगातार मजबूत बनी रही और ई-रिक्शा की बिक्री में 52.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो स्वच्छ और किफायती परिवहन विकल्पों की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है।
घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी भारतीय वाहन उद्योग का प्रदर्शन उत्साहजनक रहा। जून के दौरान कुल वाहन निर्यात 34 प्रतिशत बढ़कर 6,73,105 यूनिट्स पर पहुंच गया। इसमें दोपहिया वाहनों का निर्यात सबसे अधिक रहा, जिसमें 40.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 5,43,684 यूनिट्स विदेश भेजी गईं। तिपहिया वाहनों का निर्यात भी 39.7 प्रतिशत बढ़कर 51,950 यूनिट्स तक पहुंच गया, जबकि यात्री वाहनों का निर्यात लगभग स्थिर रहते हुए 76,601 यूनिट्स दर्ज किया गया। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू मांग में मजबूती, निर्यात बाजारों में बेहतर अवसर और विभिन्न वाहन श्रेणियों में लगातार बढ़ती बिक्री आने वाले महीनों में भी भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग की विकास गति को मजबूत बनाए रख सकती है।
